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: समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों उपार्जन के लिए पंजीयन 10 मार्च तक,चना के लिए 5650 रुपये, मसूर के लिए 6700 रुपये एवं सरसों के लिए 5950 रुपये प्रति क्विंटल की दर घोषित

Aditi News Team

Sat, Mar 1, 2025
समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों उपार्जन के लिए पंजीयन 10 मार्च तक,चना के लिए 5650 रुपये, मसूर के लिए 6700 रुपये एवं सरसों के लिए 5950 रुपये प्रति क्विंटल की दर घोषित नरसिंहपुर। जिले में समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों की फसल उपार्जन के लिए किसान पंजीयन का कार्य 20 फरवरी से 10 मार्च तक कर सकते हैं। किसान चना, मसूर एवं सरसों के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए वेबसाइट www.mpeuparjan.nic.in पर जाकर पंजीयन कर सकते हैं। इसके अलावा किसान अपनी फसल का पंजीयन ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत व तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्रों, सहकारी समितियों एवं सहकारी संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र और एमपी किसान एप आदि के माध्यम से पंजीयन नि:शुल्क कर सकते हैं। शासन द्वारा चना के लिए 5650 रुपये, मसूर के लिए 6700 रुपये एवं सरसों के लिए 5950 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया है।   उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में गेहूं का पंजीयन कार्य जिन केन्द्रों में किया जा रहा है, उन्हीं केन्द्रों में चना, मसूर एवं सरसों का भी पंजीयन किया जायेगा। किसान उन्हीं पंजीयन केन्द्रों पर कार्यालयीन समय में ई- उपार्जन पोर्टल पर निःशुल्क पंजीयन करवा सकते हैं। किसान के विगत वर्ष के पंजीयन में उल्लेखित आधार नंबर, बैंक खाता, मोबाइल नंबर में किसी प्रकार के परिवर्तन-संशोधन की आवश्यकता होने पर संबंधित दस्तावेज प्रमाण स्वरूप (जिनको देखकर पंजीयन किया जा सके) पंजीयन केन्द्र पर लाना होंगे। जिन किसानों द्वारा विगत रबी एवं खरीफ में पंजीयन नहीं कराया था एवं ई-उपार्जन पोर्टल पर उनका डाटाबेस उपलब्ध नहीं है। ऐसे किसानों को समिति स्तर पर पंजीयन के लिए आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, मोबाइल नंबर एवं निर्धारित प्रारूप में आवेदन पंजीयन केन्द्र पर उपलब्ध कराना होगा। किसानों को भुगतान जीआईटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में किया जाएगा। इस कारण किसान पंजीयन में केवल राष्ट्रीयकृत एवं जिला केन्द्रीय बैंक की शाखाओं के एकल खाते ही मान्य होंगे। जन-धन, ऋण, नाबालिग, बन्द एवं अस्थायी रूप से रोके गए खाते (विगत 6 माह से क्रियाशील नहीं हों) आदि पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। किसान द्वारा बोई गई फसल की किस्म, रकबा तथा विक्रय योग्य मात्रा की जानकारी भी प्राप्त कर आवेदन में दर्ज की जायेगी। यदि कोई कृषक निर्धारित अंतिम 10 मार्च 2025 तक पंजीयन नहीं करवाऐंगें तो शासन की उपार्जन योजनाओं के लाभ से वांचित रह जायेंगे।   जिले के किसानों से अपील है कि वे पंजीयन के लिए वांछित समस्त दस्तावेजों तथा अपने मोबाइल के साथ नजदीकी पंजीयन केन्द्रों पर तत्काल पहुंचकर अपनी फसल का पंजीयन करवायें।

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