Wednesday 12th of August 2026

ब्रेकिंग

विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल हुए शामिल ,स्कूली बच्चों, युवाओं, खिलाड़ियों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

कायस्थ समाज गाडरवारा द्वारा पूर्व अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव की पहल पर पौधे रोपित किए

कलेक्टर ने तिरंगा लहराकर रैली को किया रवाना खिलाड़ियों,विद्यार्थियों और युवाओं ने बड़ी तादात में शामिल हुए

30 साल से सड़क नहीं… अब घर से दूर खड़ी बाइक भी सुरक्षित नहीं, ग्रामवासियों ने किया हल्ला बोल

गौ भक्तों और बजरंग दल ने जताई नाराजगी, ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्यवाही की मांग की

: Gadarwara शुगर मिलों के खिलाफ एनजीटी भोपाल मे दायर हुई याचिका, शिकायतों पर विभाग द्वारा कार्यवाही ना किये जाने के कारण की याचिका दायर

Aditi News Team

Fri, Feb 5, 2021

गाडरवारा । नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच द्वारा नर्मदा शुगर मिल सालीचौका और शक्ति शुगर मिल कौंडिया के विरुद्ध लगातार हो रहे जल, वायु व मृदा प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने के संबंध में अनेको बार शिकायते करने के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कार्यवाही ना करने के कारण आज एनजीटी राष्ट्रीय हरित अधिकरण भोपाल में याचिका दायर की गई । नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के प्रांतीय संयोजक मनीष शर्मा व जिला संयोजक पवन कौरव का कहना है कि वर्तमान में नरसिंहपुर जिले में जो शुगर मिले संचालित की जा रही है उनके द्वारा प्रदूषण नियंत्रण मानकों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है । जिसके चलते देखा जा रहा है कि मिल मालिकों द्वारा मिल प्रारंभ करते समय येन केन प्रकारेण ते तहत सभी प्रकार की अनुमतियां शुगर मिल मालिको द्वारा प्राप्त कर ली जाती हैं । लेकिन बाद में मानकों को ताक पर रखकर मिलो को संचालित किया जाता है । आपको बता दें कि नरसिंहपुर जिले में जो शुगर मिल संचालित की जा रही है उनसे निकलने वाला रासायनिक तत्व युक्त पानी सीधे स्थानीय नदियों में जाकर मिल रहा है जबकि उसे नियमानुसार शुद्धिकरण प्रक्रिया से गुजारा जाना चाहिए था । जिससे मौजूदा रासायनिक तत्व समाप्त नहीं हो पाते हैं और जलीय जीवो के लिए बहुत बड़ा खतरा है साथ ही आसपास के गांव के लिए भी खतरा है । याचिकाकर्ता पवन कौरव का कहना है कि जिले के सभी शुगर मिल मालिकों द्वारा मृदा, वायु, नदियों का भू जल प्रदूषण किया जा रहा है जो आमजन के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है । प्राकृतिक संसाधनों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है जिसके विरुद्ध कार्यवाही की मांग की गई है नागरिक उपभोक्ता मंच के माध्यम से याचिका दायर कर वर्तमान में मिल संस्कार संचालकों द्वारा कार्यवाही की मांग की गई है ।

गन्ने की पिराई के उपरांत निकलने वाले छोते का भी नही उचित रखरखाव

गन्ने की पिराई के उपरांत जो गन्ना रस निकालने के बाद बच जाता है जिसे छोता बोला जाता है शुगर मिल संचालको द्वारा उसको रखने का भी उचित व्यवस्था व साधन उपलब्ध नही है जिससे शुगर मिल से निकलने वाली डस्ट सड़क पर से निकलने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है । कई बार यह डस्ट दुर्घटनाओं को भी आमंत्रण देता नजर आता है वही इससे वायु प्रदूषण भी कारित होता है ।

नदिया भी हो रही है शुगर मिलो के प्रदूषण का शिकार

शुगर मिल संचालकों द्वारा जो पानी शुगर मिल से छोड़ा जाता है वह सीधा किसानों के खेतों से होते हुए नदियों व नर्मदा में मिल रहा है जिसके कारण मृदा , भू , जल , तथा वायु प्रदूषण हो रहा है जो पानी के जरिये लोगो के शरीर मे भी प्रवेश कर रहा है जिसके कारण लोगो के स्वास्थ्य पर भी सीधा प्रभाव पड़ रहा है तथा जिस खेत से होकर यह प्रदूषित पानी गुजरता है वह मिट्टी भी बंजर होती जा रही है ।

Tags :

जरूरी खबरें