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: गाडरवारा, लाडोमोदन मंदिर में देवी महालक्ष्मी की प्राण प्रतिष्ठा समारोह प्रारम्भ

Aditi News Team

Fri, Feb 16, 2024
लाडोमोदन मंदिर में देवी महालक्ष्मी की प्राण प्रतिष्ठा समारोह गाडरवारा । नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा नगर में सर्वाधिक प्राचीन मंदिरों में से एक लाडोमोदन श्री लझ्मी नारायण मंदिर में अग्रवालों की कुल देवी मातेश्वरी महा लक्ष्मी महारानी की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा का वैदिक कार्यक्रम का प्रथम चरण की शुरुआत हो चुकी है । प्रतिष्ठा पूजा अर्चना की श्रृंखला में 17 फरवरी शनिवार को शाम छैः बजे वैदिक क्रियाओं के उपरांत मूर्ति विग्रह की झांकी यात्रा मंदिर से बाजार - चौकी छोटा थाना - चावड़ी होते हुए मंदिर प्रांगण में वापिसी के साथ समापन होगा । अंतिम चरण में 18 फरवरी को प्रातः आठ बजे से अपरान्ह 12 बजे तक प्राण प्रतिष्ठा की सनातनी रीति रिवाजों को पूर्ण करने के बाद हवन, आरती, और देवी स्वरूपा कन्या भोज की शुरुआत के बाद महाप्रसादी का वितरण किया जावेगा। इस प्राण प्रतिष्ठा के मांगलिक प्रसंग की पूजा-अर्चना वृन्दावन धाम से पधारे आचार्य श्री बलवंत जी व सिध्दार्थ जी संपन्न करा रहे हैं और इस विधान के मुख्य यजमान नवल अग्रवाल श्रीमती साधना , जिनके दादा जी जीवन लालजी अग्रवाल मंदिर सरवरायकार लम्बे समय तक रहे के अलावा महेश श्रीमती कुसुम अग्रवाल, नरेंद्र - श्री मती ज्योति अग्रवाल अध्यक्ष गाडरवारा अग्रवाल समाज है! इस अवसर पर सभी सजातीय बंधुओं की सहभागिता और सहयोग प्रशंसनीय है । पुर्नमुर्ति विग्रह की स्थापना मूर्ति खंडित होने के कारण कई जा रही है । उल्लेखनीय है कि खंडित मूर्ति स्थापना के समय मंदिर निर्माण कराने वाली सजातीय महिला धर्मानुरागी लाडोमोदन देवी जयपुर से कठिन संकल्पित उपवास कर बैलगाड़ी से अपनी गोद में रखकर लाड प्यार और जतन के साथ लाई थी और मंदिर का नाम की शुरुआत में लाडोमोदन भी इन्ही कारण लिखा गया है ।उक्ताशय की जानकारी पहले सरवरायकार प्रबंधक सेठ श्री जीवनलाल अग्रवाल मंदिर आने जाने वाले श्रृध्दालू जनो को यदा कदा बताया करते थे । इस परिवार ने लम्बे समय तक मंदिर की व्यवस्था करने का दायित्व निर्वाह किया और समय के साथ लगभग पिछले दो चार वर्ष पहले. सजातीय संगठन अग्रवाल समाज को मंदिर व्यवस्था के लिए सौंप दिया, वर्तमान में परम्परागत सभी आयोजन नियमित रूप से चालू है ।

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