Monday 21st of September 2026

ब्रेकिंग

नरसिंहपुर पुलिस ने 5 आरोपी गिरफ्तार कर गांजा एवं वाहन सहित लगभग ₹18 लाख रु का मशरूका जप्त किया

खुले में कचरा फेंकने और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर चालानी कार्रवाई

चुराये हुये 13 दुपहिया वाहन एवं झपटे हुये 5 मोबाईल तथा चाकू कीमती लगभग 15 लाख रूपये के जप्त

जो है, जैसा है और जितना है, उसे वैसा ही प्रस्तुत करना सत्य : मुनि श्री समतासागर

छीनी हुई चेन, मंगलसूत्र एवं घटना मे प्रयुक्त मोटर सायकिल एवं चाकू जप्त

: पितृ मोक्षार्थ श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन आज से 

Aditi News Team

Fri, Sep 22, 2023
भागीरथ तिवारी, करेली पितृ मोक्षार्थ श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 23 सितम्बर से करेली- नगर के समीपवर्ती ग्राम मोहद के प्रतिष्ठित तिवारी परिवार द्वारा स्वर्गीय पिता श्री सुदर्शन तिवारी जी की स्मृति में पितृ मोक्षार्थ सप्तदिवसिय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं रुद्री निर्माण का आयोजन सिद्धेश्वर धाम प्रांगण, मोहद में 23 से 29 सितंबर तक किया जा रहा है,जिसके कथावाचक गौ पीठाधीश्वर अनंत विभूषित श्री श्री विपिन विहारी दास जी महाराज होंगे,जो भगवान श्रीहरि के विभिन्न लीलाओं की कथा का अपने श्रीमुख से श्रवणपान कराएंगे। 23 सितंबर से प्रारंभ होने वाले श्रीमद भागवत कथा का शुरुआत भव्य कलश शोभायात्रा के साथ ग्राम भ्रमण व विधिवत पूजा अर्चना के साथ होगी, भक्तगण प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक रुद्री निर्माण एवं दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कथाश्रवण कर सकेंगे,सप्तदिवसीय इस कथा में 26 सितम्बर को कृष्ण जन्मोत्सव का विशेष आयोजन एवं 30 सितम्बर को भंडारा एवं एवं श्राद्ध का आयोजन निर्धारित है,बता दें कि श्रीमद भागवत कथा का यह धार्मिक उत्सव स्वयं को जानने और मन के सारे संतापों को दूर करने का एक सुअवसर है। सनातन धर्म के अनुसार 18 पवित्र पुराण हैं, जिनमें एक भागवत् पुराण भी है इसे श्रीमद्भागवत या केवल भागवतम् भी कहते हैं,यह जगत के पालक श्री विष्णुजी के धरती पर लिए गए 24 अवतारों के साथ उस दौरान उनके जीवन की कथा का भावपूर्ण वर्णन है। 12 खंडों के ग्रंथ में 335 अध्याय तथा 18 हजार श्लोक हैं। जिसके 10वें अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन सार कुछ इस प्रकार वर्णित है कि यह समस्त प्राणियों के लिए सांसारिक जीवन जीते हुए ज्ञान तथा मुक्ति का मार्ग दिखाता है,श्रीमद्भागवत कथा सुनना और सुनाना दोनों ही मुक्तिदायिनी है तथा आत्मा को मुक्ति का मार्ग दिखाती है। भागवत पुराण को मुक्ति ग्रंथ कहा गया है, इसलिए अपने पितरों की शांति के लिए इसे हर किसी को आयोजित कराना चाहिए,इसके अलावा रोग- शोक, पारिवारिक अशांति दूर करने, आर्थिक समृद्धि तथा खुशहाली के लिए भी इसका आयोजन किया जाता है,श्रीमद्भागवत कथा जीवन- चक्र से जुड़े प्राणियों को उनकी वास्तविक पहचान करता है, आत्मा को अपने स्वयं की अनुभूति से जोड़ता हैं तथा सांसारिक दुख, लोभ- मोह- क्षुधा जैसी तमाम प्रकार की भावनाओं के बंधन से मुक्त करते हुए नश्वर ईश्वर तथा उसी का एक अंश आत्मा से साक्षात्कार कराता है,जिसका श्रवण मानव जाति के लिए सर्वोत्तम है,श्रीमद भागवत कथा आयोजक श्रीमती उमा देवी तिवारी (माता जी) संजय तिवारी,अश्विनी तिवारी सहित समस्त तिवारी परिवार द्वारा क्षेत्र के समस्त जनों, धर्मप्रेमी व श्रद्धालुओं को अधिकाधिक संख्या में उक्त कथा में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।

Tags :

जरूरी खबरें