: गाय माता है तो हम है इसलिए गो पालन जरूर करना चाहिए-स्वामी हरिहर जी,आर्ट ऑफ लिविंग
Wed, Apr 2, 2025
गाय माता है तो हम है इसलिए गो पालन जरूर करना चाहिए-स्वामी हरिहर जी,आर्ट ऑफ लिविंग
https://youtu.be/6SuYVxNMNEQ?si=sLnqHstbbcMD2x4T
सुसनेर। मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के उपसंहार उत्सव के तृतीय दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि गोरक्षा शासन का कर्तव्य है लेकिन जब शासन अपने कर्तव्य का पालन न करें तो समाज को किसी न किसी रूप में उठ खड़ा होना होगा और उसके लिए प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की आवश्यकता है क्योंकि गो रक्षा के नाम पर कुछ 2 % लोग 98%को बदनाम कर देते है अर्थात कुछ उपद्रवी लोग गोरक्षा की आड़ में तस्करी वाले वाहनों में तोड़ फोड़ एवं चोरिया कर गौसेवकों को समाज के सामने बदनाम करने में पीछे नहीं रहते इसलिए उन ग़लत लोगों से बचाव के लिए सात्विक लोगों को संगठन में शामिल कर एक विशाल संगठन खड़ा कर देश के राजा को याद दिलाना होगा कि 1857 की क्रांति से लेकर आज तक 168 साल बीत चुके लेकिन गो रक्षा के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई इसके लिए लोकतंत्र में संख्याबल चाहिए क्योंकि लोकतंत्र में वोटतंत्र के लिए संख्याबल महत्त्वपूर्ण है और जिस दिन दिल्ली की सड़कों पर एक करोड़ लोग गो संकीर्तन करेंगे तो गोमाता को स्वत:सम्मान मिल जाएगा ।उपसंहार उत्सव के तृतीय दिवस आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक पूज्य श्री श्री रवि शंकर जी महाराज जी के कृपा पात्र शिष्य स्वामी हरिहर जी महाराज ने बताया कि गो अभयारण्य में यथार्थ दिख रहा है । गो के चार अर्थ हे ज्ञान ,गमन ,प्राप्ति एवं मोक्ष है और जीवन के चार पुरुषार्थ गो माता के साथ है।गो सेवा से ही आत्म कल्याण है गो सेवा से ही राष्ट्र कल्याण है। लेकिन इसके लिए हमें संगठित रूप से यह बात रखनी होगी। क्योंकि संगठन में ही शक्ति होती है। गायमाता के बारे में बताना ब्रह्म यज्ञ है,गायमाता की आराधना देव यज्ञ,, गायमाता के शरीर में विराजित 33 कोटि देवता की सेवा से पितृ यज्ञ एवं भूत यज्ञ आदि पांच यज्ञ का फल गो सेवा से मिल जाता है।स्वामीजी ने आगे बताया कि मानसिक तनाव एवं अवसाद को मिटाने का सर्व श्रेष्ठ साधन गोमाता ही है अर्थात गंभीर से गंभीर बीमारी को गोमाता बचाती है यानि गो है तो हम है और गो नहीं है तो सनातन संस्कृति नहीं बचेगी और गो रक्षा के लिए आर्ट ऑफ लिविंग भी स्वामीजी के साथ तन, मन , धन से सहयोग करेगा ।उपसंहार उत्सव के चतुर्थ दिवस 2 अप्रैल बुधवार को काशी सुमेरु पीठाधीश्वर परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद जी सरस्वती जी महाराज का आशीर्वाद मिलेगाएक वर्षीय गोकृपा कथा के उपसंहार उत्सव के दतृतीय दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के गो सेवक सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।
: ईद के मौके पर देश में अमन चैन की मांगी दुआ
Mon, Mar 31, 2025
*खुशियों के साथ मनाया गया ईद उल फितर का त्योहार ,लोगों ने एक दूसरे को गले मिलकर दी मुबारकबाद*
Kamarrana
https://youtu.be/ifrCYq9PsaU?si=6WVf5s1fjWu15rEY
*देवरी रायसेन*__ *नगर में ईद उल फितर का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया गया।
लोग एक दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारक दे रहे थे।*
देशभर के साथ ही रायसेन जिले के नगर देवरी में सोमवार को ईद उल फितर का त्यौहार बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया।
नगर की तीन मस्जिदों के सभी नमाजी सुबह 7:00 ईदगाह हिल्स पहाड़ी पर पहुंचे वहां पर मुफ्ती नूर मोहम्मद कासमी ने नमाजे ईद पढ़ाई पढ़ाई और देश में अमन चैन की दुआ मांगी ।
नमाज के बाद सभी ने गले मिलकर एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।
सुबह से ही मस्जिद और ईदगाह में रौनक देखने को मिली लोग नए कपड़े पहन कर छोटे-छोटे बच्चों के साथ रंग बिरंगी टोपिया पहनकर ईद की नमाज अदा करने ईदगाह पहुंचे।
*भाजपा कार्यकर्ताओं ने दी ईद की शुभकामनाएं*
-------नमाजे ईद के बाद नगर परिषद की ओर सेशरबत
का इंतजाम किया गया था।
ईदगाह पहाड़ी से नीचे आते ही नगर परिषद के सामने ठंडे पानी और शरबत सभी को दिया गया।
और साथ ही नगर परिषद अध्यक्ष रविंद्र रघुवंशी एडवोकेट राधेलाल रघुवंशी, नगर परिषद उपाध्यक्ष जगदीश चौरसिया, एवं मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार लोधी, पत्रकार अवधेश गुप्ता एवं साथियों ने मुस्लिम समाज के लोगों को गले मिलकर ईद की शुभकामनाएं दी ।
: भगवान कृष्ण ने स्वयं भूतल में आकर हमें गो सेवा का मंत्र दिया गोवत्स राधाकृष्ण जी महाराज
Mon, Mar 31, 2025
भगवान कृष्ण ने स्वयं भूतल में आकर हमें गो सेवा का मंत्र दिया गोवत्स राधाकृष्ण जी महाराज
सुसनेर। मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के उपसंहार उत्सव के द्वितीय दिवस पर पूज्य गोवत्स राधाकृष्ण जी महाराज द्वारा एक वर्षीय गौ आराधना महा महोत्सव के अंतर्गत भक्त चरित्र नरसिंह मेहता का परम पावन चरित्र प्रसंग नानी बाई के मायरे के माध्यम से आगे की कथा सुनाते हुए कहा कि परम पावन इस दिव्य तीर्थ गो अभयारण्य की इस भूमि पर वर्ष पर्यन्त गो महिमा का गान होता रहा है और अभी दिव्य भाव से शिव शक्ति यज्ञ यहां संपादित हो रहा है जबकि यहां बहुत अधिक पेड़ भी नहीं है बहुत अधिक जल के स्रोत भी नहीं हैं है और इस पूरे जंगल के पथरीले पठार में यहां रहकर जो गो सेवा हो रही है और जो सेवा कर रहे हैं वह अदभुत है और निश्चित मानिए कि बिना गोपाल कृष्ण की कृपा व आशीर्वाद के बिना यह संभव नहीं हैमहाराज जी ने बताया कि जिस प्रकार गांव के व्यक्ति को अपने गांव के जीवन में शहर वाले को शहर के जीवन में रस मिलता है,उसी प्रकार जो गो सेवा में रस आता है, उसको लगता है जो रस गोमाता के गोष्ठ में गो सेवा से मिलता है उतना रस बड़े बड़े शहरों में नहीं मिलता । भगवान ने अनेक अवतार लिए और खूब पराक्रम दिखाया लेकिन नारद जी ने भगवान को कहां कि प्रभु ऐसे अवतार लीजिए जिसके माध्यम से आप कुछ करके दिखाएं ताकि आपका वे अनुसरण कर सकें और भगवान ने द्वापर में कृष्णावतार लेकर पहले माखन की चौरी की और फिर गोचारण किया । आजकल लोगों का मानना है कि पंचगव्य उत्पाद का प्रचार किसी बड़े फिल्म स्टार अथवा खिलाड़ी से करवाना चाहिए ताकि माल अधिक सकें इसपर महाराज जी ने बताया कि कोई नेता अभिनेता किसी वस्तु का प्रचार करें तो उसमें खोट हो सकती है लेकिन जिस पदार्थ का भगवान ने स्वयं प्रचार किया उसमे कोई खोट नहीं हो सकती भगवान ने माखन चोरी करके पंचगव्य का प्रचार किया और दूसरा गो चारण करके गो सेवा का यानि भगवान कृष्ण ने स्वयं भूतल में आकर हमें गो सेवा का मंत्र दिया भगवान ने स्वयं कहां कि जो फल मदभागवत के परायण के पाठ करने से मिलता है वहीं फल गो सेवा से मिलता है, इसलिए हम सभी गव्य को अमृत समझकर उसका उप एवं प्रचार करें और जिस प्रकार भगवान ने कृष्णावतार में गौसेवा की उसे हम भी दोहराकर भगवान को प्रसन्न कर सकते है।महाराज जी ने नरसी मेहता जी की कथा के माध्यम से बताया कि सम्पता, विपन्नता सबको दिखती है लेकिन भक्ति किसी की नहीं दिखती और नरसी मेहता ने कुछ पाने के लिए भक्ति नहीं की लेकिन भगवान ने बिना मांगे सबकुछ दे दिया और भक्ति का सबसे श्रेष्ठ साधन गो सेवा है क्योंकि गो सेवा के बिना तो किसी भी प्रकार की कल्पना नहीं की जा सकती और जीवन में वही श्रीमंत है,जिसका जीवन उपयोगी है। महाराज जी ने बताया कि नरसी जी की तरह इस अभयारण्य की स्थिति है,लेकिन भगवान की कृपा की कृपा से आज यहां आनन्द हो रहा है और यह एक सिद्ध क्षेत्र बन गया है ओर यहां जो जो भी आएंगे उनके सारे कष्ट भगवान मिटा देंगे और अंत में पूज्य गो वत्स राधा कृष्ण जी महाराज का आभार जताते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने बताया कि भगवान के बहाने जब आपने भगवान की कथा सुनाई तो ऐसा लगा कि यह अभयारण्य नरसी जी की भूमिका में है और आप नानी बाई के भाई भगवान कृष्ण के रूप में यहां पधारे है।*उपसंहार उत्सव के तृतीय दिवस 01 अप्रेल को आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक पूज्य श्री श्री रवि शंकर जी महाराज जी के कृपा पात्र शिष्य स्वामी हरिहर जी महाराज का पावन आशीर्वाद मिलेगा।एक वर्षीय गोकृपा कथा के उपसंहार उत्सव के द्वितीय दिवस पर चुनरी यात्रा मुंबई से नरेंद्र पुरोहित, कोटा से सुरेंद्र शर्मा , भवानीमंडी रवि , कपिल भराडिया ,खानपुर के गोलाना ग्रामवासी, ,खानपुर,झालावाड,सेमली खाम, धरोनिया, भोपाल से श्रीमति निर्मला माधव चतुर्वेदी dysp,ब्यावर के कोटडा केसर सिंह गोमाता के लिए मायरा ,नलखेड़ा सुई गाँव,रतलाम के.पिपलोदा तहसील के रानीगांव, रियावन एवं-संत श्री आसाराम जी गौशाला , सुसनेर आदि ने सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।