: मुनि श्री 108 विशद जी महाराज सासंघ का मंगल पदार्पण
Sun, Mar 3, 2024
मुनि श्री 108 विशद जी महाराज सासंघ का मंगल पदार्पणपरमपूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 विशद सागर जी मुनि श्री निराकुल सागर जी महाराज की भव्य आगवानी श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर जी में 3 मार्च 2024 दिन-रविवार को सुबह 8:00 बजे हुईं कुंडलपुर की समस्त दीदी भैया जी कुंडलपुर कमेटी के पदाधिकारी गण एवं सदस्य गणों ने गुरुदेव की भव्य अगवानी की साथ में प्रबंधक मोतीलाल जी जैन एवं समस्त स्टाफ ने और कुंडलपुर जैन समाज हथकरघा के भैया जी पूर्णायु के भैया सभी ने गुरुदेव की भव्य आगवानी की ।
: कुंडलपुर में भगवान सुपार्श्वनाथ एवं भगवान चंद्र प्रभु का मोक्ष कल्याणक महोत्सव 3 मार्च को मनाया जाएगा
Sat, Mar 2, 2024
कुंडलपुर में भगवान सुपार्श्वनाथ एवं भगवान चंद्र प्रभु का मोक्ष कल्याणक महोत्सव 3 मार्च को मनाया जाएगा
कुंडलपुर। सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में जैन धर्म के सातवें तीर्थंकर भगवान श्री सुपार्श्वनाथ जी एवं आठवें तीर्थंकर भगवान श्री चंद्र प्रभु जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव 3 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रातः काल भक्तांमर महामंडल विधान ,पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक ,शांतिधारा, पूजन, विधान होगा। इस अवसर पर भक्ति भाव के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। सायंकाल भक्तांमर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महा आरती होगी ।कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी ने भक्त श्रद्धालुओं से कुंडलपुर पधारकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया है।
: आचार्य विद्यासागर जी को हटा में दी गयी भावांजलि
Sun, Feb 25, 2024
आचार्य विद्यासागर जी को हटा में दी गयी भावांजलि;;हटा । सकल जैन समाज द्वारा स्थानीय पुत्रिशाला स्कूल परिसर में भावांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया ,दीप प्रज्जवलन डॉ श्यामसुंदर दुबे ,विनय कांत दवे ,प्रशांत पाठक नीलू ,भगीरथ तंतवाय आदि द्वारा किया गया,,मंगला चरण श्रीमती नीलम जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया,पूर्व प्राचार्य विनय कांत दवे ने कहा कि विनयांजलि महापुरुषों के चरणों मे अर्पित करते समय यह भाव आता है कि ऐसा क्या था कि उन्हें यह सम्मान दिया जाए,,,इनके द्वारा जो जीवन जिया जाता पूरे ब्रम्हांड के लिए योगदान होता है। अध्यात्म के क्षेत्र में हटा को एक उप्लवधि मिली है सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ श्यामसुंदर दुबे ने अपनी भावांजलि में कहा कि आचार्य विद्यासागर जी स्वलिखित साहित्य मूक माटी के माध्यम से धर्म की नई ब्याख्या की ,उनके कृतित्व पर 56 पी एच डी की गई जो एक रिकॉर्ड है उन्होंने उल्लेख किया कि उनके मूक माटी और गीता का तुलनात्मक अध्ययन पर ,हटा के पूर्व सी ई ओ सुधीर जैन ने भी पी एच डी की,,उनके साहित्य ने समाज को नई ऊर्जा देने का कार्य किया,उदीयमान साहित्यकार जयकृष्ण पल्या ने विद्यासागर जी द्वारा रचित ग्रंथ मूक माटी की ब्याख्या करते हुए कहा कि आचार्य जी ने इस ग्रंथ में कहा है बेतन भिन्ना चेतन भिन्न ,जो इस तन और चेतना के बीच का अंतर समझ लेता है वही साधु है,जो जागा हुआ जी रहा है वह साधु ,,जो सोया हुआ जी रहा वह असाधु है,पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ने कहा कि आचार्य जी केवल जैन के नही समूचे मानव समाज के मार्गदर्शक थे,उन्होंने कहा कि आजादी की जो लड़ाई अहिंसा से लड़ी गयी उसका सूत्रपात जैनिज़्म की अहिंसा के सिद्धांत से हुआ,,अधिबक्ता अमिताभ चतुर्वेदी ने उन्हें कलयुग का भगवान निरूपित किया,शिक्षक माधव पटेल ने उन्हें इस वैश्विक दौर की अमूल्य निधि निरूपित किया,नवोदय शिक्षक आशीष शुक्ला ने कहा कि आचार्य जी ने समाज को नई ऊर्जा और शक्ति दी,उन्होंने उनके बताए मार्ग पर चलने का आवाहन किया,पूर्व मंत्री डॉ कुसमरिया ने भी आचार्य जी के उनके सानिध्य के अनेक संस्मरण सुनाए,अजीत अवस्थी ने विद्यासागर जी को भारतीय ज्ञान परंपरा और अध्यात्म के सूर्य की उपमा देते हुए कहा कि स्वावलम्बन स्वदेशी अपनाने,इंडिया को भारत बनाने और गौ सेवा से जोड़ने का रास्ता भी आचार्य बिधसागर जी ने समाज को दिखाया,,भावांजलि कार्यक्रम में सोमेश चौरसिया,नीलू प्रशांत पाठक रत्नेश खटीक,संजय राजपूत,हर्ष जैन डॉ गोपाल कुसमरिया, मनोज जैन, लालचंद खटीक,डॉ सी एल नेमा,आदि ने भी संबोधित किया,कार्यक्रम में अजबधम के महंत छोटे सरकार रामनुग्रह दास भी उपस्थित हुए, रिंकू आशीष जैन,दीपक जैन,लालू जैन आदि का सराहनीय सहयोग रहा,,संचालन जय कुमार जैन जलज ने किया।