सांकेतिक भाषा,संवाद और संवेदनशीलता की सशक्त अभिव्यक्त : IASE PSM जबलपुर में एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार का गरिमामय आयोजन
Aditi News Team
Fri, Sep 25, 2026
सांकेतिक भाषा : संवाद और संवेदनशीलता की सशक्त अभिव्यक्ति
IASE PSM जबलपुर में एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार का गरिमामय आयोजन
सिहोरा।प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान (IASE PSM), जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के उपलक्ष्य में श्रवण बाधित दिव्यांगजनों के कल्याण एवं सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार व व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य सांकेतिक भाषा को केवल संवाद का माध्यम न मानकर एक सशक्त समाज, समान अवसर और मानवीय संवेदनशीलता का सशक्त सेतु बनाना रहा।
दो सत्रों में हुआ सार्थक विमर्श व संवाद...
कार्यक्रम को दो सुव्यवस्थित तकनीकी एवं संवाद सत्रों में आयोजित किया गया:
प्रथम सत्र (प्रातःकालीन): जिला पंचायत अध्यक्ष आशा मुकेश गौंटिया की मुख्य आतिथ्य एवं उपस्थिति में संपन्न हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए पंचायत प्रशासन सदैव तत्पर है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य राजेश ठाकुर ने भी दिव्यांगजनों को समान अधिकार दिलाने और जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।
*द्वितीय सत्र (अपराह्न): नगर पालिक निगम जबलपुर के आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार (IAS) की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने सांकेतिक भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सांकेतिक भाषा केवल मूक-बधिर समुदाय का संवाद माध्यम नहीं, बल्कि एक संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था की पहचान है। प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर इसे सहजता से अपनाकर ही प्रत्येक नागरिक तक बिना किसी भेदभाव के सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं।
संस्थागत मार्गदर्शन एवं विशेषज्ञ उद्बोधन .. ...
संस्थान के प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजीव अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम को शैक्षिक एवं सामाजिक सरोकारों से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि भावी शिक्षकों के लिए सांकेतिक भाषा का ज्ञान अनिवार्य है, जिससे वे कक्षाओं में प्रत्येक बच्चे को बिना किसी झिझक के जोड़ सकें।
मनोवैज्ञानिक डॉ. श्रद्धा तिवारी, वाणी सेंटर की प्रमुख एवं सनराइज़ एकेडमी जबलपुर की विनीता पगारे तथा एच.पी. तिवारी ने सांकेतिक पठन, बाल मनोविज्ञान और श्रवण बाधित बच्चों के भाषाई विकास पर उपयोगी सुझाव दिए।
पूरे आयोजन के दौरान विशेष अनुवादक (इंटरप्रेटर) सोहनी ठाकुर ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से मंच और प्रतिभागियों के बीच संवाद को अत्यंत सहज और प्रभावी बनाया।
दिव्यांग प्रतिभागियों का अभिनंदन बना आकर्षण का केंद्र......
कार्यक्रम में दिव्यांग समूह की जीवंत प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। समूह लीडर रोमानी ठाकुर के नेतृत्व में छात्र समूह के नरेंद्र काछी, दर्शन साहू, चेतना गुप्ता, सोनू कछवाहा, कखर चौहान एवं निखिल तोशवानी ने सांकेतिक भाषा में प्रस्तुतियां दीं।
संभागीय विशेष शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रभारी अधिकारी डॉ. रामनरेश पटेल एवं सहप्रभारी डॉ. राजकुमारी दुबे द्वारा इन सभी प्रतिभागियों को शाल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह प्रतिभा और क्षमता के सामाजिक सम्मान का सशक्त प्रतीक बना।
छात्राध्यापकों की सक्रिय सहभागिता
संस्थान के छात्राध्यापक समूह ने भी कार्यशाला में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। एम.एड. छात्रा निधि दुबे द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) एवं विशेष शिक्षा विषय पर प्रस्तुत विचार विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। इसके साथ ही विमला गुप्ता, राजकुमार रानाडे, राजिल अली, राखी द्विवेदी, रवि दर्शन चौकसे, विमल त्रिपाठी, योगेन्द्र मिश्रा, राजेन्द्र कोल एवं लवकुश रैदास सहित अन्य छात्राध्यापकों ने व्यावहारिक अभ्यास में सक्रिय भूमिका निभाई।
सुव्यवस्थित संयोजन एवं प्रभावी संचालन
कार्यक्रम का सूत्रपात, संकलन एवं मंच संचालन एम.एड. छात्राध्यापक लीडर प्रदीप तिवारी द्वारा किया गया।
संस्थान के आचार्य समूह से डॉ. रीना जैन, अर्चना दुबे, विनोद कुमार घोषी एवं विनीत चौहान ने विभिन्न सत्रों में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा एवं समन्वय संभागीय विशेष शिक्षा प्रकोष्ठ प्रभारी अधिकारी डॉ. रामनरेश पटेल एवं सहप्रभारी डॉ. राजकुमारी दुबे द्वारा कुशलतापूर्वक संपन्न कराया गया।
सहयोगी छात्राध्यापक प्रदीप तिवारी योगेन्द्र मिश्रा विमल त्रिपाठी रामरतन जँघेला, निधि दुबे,सुनीता लखनपाल निकिता रहे।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
IASE PSM जबलपुर