: सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर में 28 अगस्त से दशलक्षण महापर्व धूमधाम से मनाया जायेगा
Sun, Aug 24, 2025
रिपोर्टर जय कुमार जैन
सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर में 28 अगस्त से दशलक्षण महापर्व धूमधाम से मनाया जायेगा
कुण्डलपुर।सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर में महासमाधिधारक संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य विद्या शिरोमणि आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से पर्वराज दशलक्षण महापर्व पर विविध धार्मिक आयोजनों के साथ दशलक्षण महापर्व 28 अगस्त से 6 सितंबर तक धूमधाम हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। प्रचारमंत्री जयकुमार जैन जलज,धार्मिक आयोजन मंत्री अजय जैन निरमा ने बताया कि इस अवसर पर पर्वतराज पर स्थित पूज्य बड़े बाबा मंदिर में प्रातः भक्तामर महामंडल विधान, पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा, रिद्धिकलश, पूजन, विधान होगा। विद्याभवन में प्रातः अभिषेक पूजन का कार्यक्रम होगा। दोपहर में स्थानीय विद्याभवन में कुण्डलपुर जैन समाज के श्रावक परिवारों द्वारा दशलक्षण के 10 दिन अलग-अलग विधान का आयोजन भक्ति भावपूर्वक किया जाएगा। सायंकाल भक्तामर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महाआरती होगी। विद्याभवन में प्रतिदिन विधानकर्ता परिवार के यहां से महा आरती गाजे बाजे से आकर आरती ,प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। श्रीमती शिखा जैन के निर्देशन में तोता तोता लघु नाटक, सोमासती नाग का हार नाटिका ,मां की ममता नाटिका, प्रश्नमंच आदि सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएगी। कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी ने श्रद्धालु भक्तों से कुण्डलपुर पधारकर धर्मलाभ अर्जित करने का अनुरोध किया है।
: छिन्दवाड़ा,जिले भर में मनाया गया पोला पर्व, बैलों की हुई पूजा
Sun, Aug 24, 2025
छिन्दवाड़ा,जिले भर में मनाया गया पोला पर्व, बैलों की हुई पूजा
रिपोर्टर शिवजी चोरिया छिन्दवाड़ा
जिले भर में शनिवार को पोला पर्व पूरे उत्साह से मनाया गया। हर गांव में भी परम्परा अनुसार पोले के अवसर पर बैलों को नहला कर विभिन्न रंगरोगन कर वेशभूषा पहना कर तैयार किया गया। ग्रामों में सभी किसान अपनी-अपनी बैल जोडी की लेकर एक नियत स्थान पर इका हुए और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। जिला मुख्यालय के अन्तर्गत पर मुख्य आयोजन विभिन्न पंचायत के ग्राम में हुआ, यहां लगे मेले का सभी ने आनंद लिया।
लगाये जाते है नारे
सभी किसान इस दौरान जोर जोर से इंडा बीड़ा खट कीड़ा लेजा रौ नारबोद... यानि जो कोई मेरे बैल की चुगली करे उसको खा जा भैसासोर.... के नारे लगाते हैं। ग्राम के प्रबुद्ध वर्ग के नागरिकों की समिति एवं ग्रामपंचायत के पदाधिकारियों द्वारा साजसज्जा, रंगरोगन, बैलों की कदकाठी में श्रेक्षता के आधार पर जोडियों का चयन कर उन्हें पुरुस्कार प्रदान किया जाता है।
: गाडरवारा में "पोला पर्व" पर बच्चों ने चलाया घुल्ला
Sun, Aug 24, 2025
क्षेत्र के "पोला पर्व" पर आज भी बच्चे चलाते हैं घुल्ला, बुन्देलखण्ड के महत्वपूर्ण त्यौहार जिसमें पूर्व में खेती के महत्वपूर्ण अंग रहे बैल और घोडे की पूजन की जाती है तथा दूसरे दिवस उन्हें चलाने का प्रचलन हैं बच्चे आज भी लकडी और पीतल के घोडों के साथ प्रातः नगर के मार्गों पर चलाते नजर आये बहुत से बालक /बालिका नगर की कृषि उपज मंडी प्रांगण में प्रतिवर्ष घुल्ला चलाने आते हैं जब वह आते है उनकी खुशी का ढिकाना नहीं रहता कुछ बच्चों से पूछा तो उन्होनें बताया हम गतवर्ष भी आये थे तथा साथियों के साथ घुल्ला चलाना और खुरमा बतिये खाना बहुत अच्छा लगता है, रविवार होने के कारण बडी संख्या में बच्चे मार्गों पर दिखे, यह सुखद है कि हमारे नगर में प्रत्येक त्यौहार को बडे उत्साह के साथ मनाया जाता है जवकि अब बडे शहर इन पारम्परिक त्यौहारों को भूलते जा रहे हैं।