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शिव कथा के श्रवण से होता है पापों का नाश -- हेमंत कृष्ण दीक्षित : आमपुरा में संगीतमय श्री महाशिवपुराण कथा जारी

Aditi News Team

Fri, Mar 13, 2026

शिव कथा के श्रवण से होता है पापों का नाश -- हेमंत कृष्ण दीक्षित

आमपुरा में संगीतमय श्री महाशिवपुराण कथा जारी

गाडरवारा। नगर के समीपी ग्राम आमपुरा (सांगई ) के शक्ति दरबार में संगीतमय श्री महाशिवपुराण कथा का आयोजन प्रारंभ हो गया है। कथा के पहले दिन माँ खेरापति मंदिर से आमपुरा कथास्थल तक कलश यात्रा बेंड बाजे के साथ निकाली गई। यात्रा में बेटियां एवं महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थीं। शिवपुराण कथा के पूर्व प्रतिदिन शिवलिंग निर्माण एवं रुद्राभिषेक भी होता है।बीते शुक्रवार को तीसरे दिन की कथा में आरती उपरांत कथावाचक पंडित हेमंत कृष्ण दीक्षित ने कहा कि कथा हमें यह सिखाती है कि भगवान शिव केवल संहारक नहीं, बल्कि परम कल्याणकारी और सृष्टि के मूल आधार हैं। शिव पुराण के श्रवण से चंचुला के हृदय में वैराग्य जागृत हुआ। वह भगवान शिव की भक्ति में लीन हो गई और अंततः दिव्य विमान में बैठकर शिवलोक को प्राप्त हुई। यह प्रसंग दर्शाता है कि सच्चा पश्चात्ताप और शिव कथा का श्रवण घोर पापों का भी नाश कर देता है। उन्होंने ब्रह्मा, विष्णु और महेश के प्रकट होने के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि सबसे पहले निर्गुण निराकार ब्रह्म (सदाशिव) से शक्ति का प्राकट्य हुआ।सदाशिव ने अपने वाम अंग से भगवान विष्णु को प्रकट किया और उन्हें सृष्टि के पालन का कार्य सौंपा।भगवान विष्णु की नाभि से कमल प्रकट हुआ, जिस पर ब्रह्मा जी अवतरित हुए।अंत में, ब्रह्मा जी की भौंहों के मध्य से भगवान शिव का 'रुद्र' रूप प्रकट हुआ, जिन्हें संहार का कार्य दिया गया। उन्होंने कथा में आगे कहा कि शिव पुराण के अनुसार, शिवलिंग की पूजा करना साक्षात महादेव की पूजा करने के समान है। उन्होंने कहा कि ॐ नमः शिवाय का निरंतर जप करने से व्यक्ति जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि तीसरे दिन की कथा का मुख्य संदेश "अहंकार का त्याग" है। जब ब्रह्मा और विष्णु जी के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ, तब शिव जी ने एक अनंत अग्नि स्तंभ (लिंग) के रूप में प्रकट होकर उनके अहंकार को तोड़ा था। यह हमें सिखाता है कि भक्ति में 'मैं' का कोई स्थान नहीं है। शिव महापुराण कथा में प्रतिदिन अनेक धर्मप्रेमी श्रद्धालू सहभागिता कर रहे है। आयोजन समिति से जुड़े बलिराम केवट, विष्णु केवट, रामदीन केवट, दशरथ केवट, राजाराम केवट, खेत सिंह केवट, भागचंद केवट, आनंद केवट सहित समस्त ग्रामवासियो ने क्षेत्रीय श्रद्धालुओं से प्रतिदिन शिव महापुराण कथा में उपस्थित होने की अपील की है

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संगीतमय श्री महाशिवपुराण

हेमंत कृष्ण दीक्षित

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