: मुनि श्री विराट सागर जी ससंघ एवं मुनि श्री अविचल सागर जी का कुंडलपुर से विहार
Wed, May 1, 2024
जय कुमार जैन,कुंडलपुर
मुनि श्री विराट सागर जी ससंघ एवं मुनि श्री अविचल सागर जी का कुंडलपुर से विहार
कुंडलपुर दमोह। सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र ,जैन तीर्थ कुंडलपुर की पावन धरा पर युग श्रेष्ठ संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्यों का समागम निरंतर प्राप्त हो रहा है ।श्रद्धालु भक्त मुनि संघों आर्यिका संघों के दर्शन लाभ ले रहे हैं एवं आहारचर्या में भाग लेकर आहार दान कर पुन्यार्जन कर रहे हैं। प्रतिदिन श्रद्धालु भक्त बड़ी संख्या में कुंडलपुर के बड़े बाबा के दर्शन ,अभिषेक कर पुण्य संचय कर रहे हैं ।आचार्य पद पदारोहण अनुष्ठान महोत्सव 16 अप्रैल को सानंद संपन्न होने के बाद भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पश्चात कुंडलपुर से मुनि संघों का विहार का क्रम निरंतर जारी है। 1 मई 2024 को प्रातः बेला में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से मुनि श्री विराट सागर जी महाराज ,मुनि श्री निस्संग सागर जी महाराज का मंगल विहार कुंडलपुर से पटेरा की ओर हुआ ।मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज का मंगल विहार कुंडलपुर से पटेरा होते हुए बरखेड़ा ग्राम में रात्रि विश्राम होगा।
: कर्म के प्रति अपार श्रद्धा होना जरूरी--- स्वामी इंद्रदेव जी सरस्वती महाराज
Wed, May 1, 2024
कर्म के प्रति अपार श्रद्धा होना जरूरी--- स्वामी इंद्रदेव जी सरस्वती महाराज7 दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का आयोजन प्रारंभगाडरवारा। नगर के बोदरी मार्ग स्थित शनि मंदिर के पास एनटीपीसी आडिटोरियम के सामने श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी श्री इंद्रदेव जी सरस्वती महाराज के मुखारबिंद से 7 दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ बीते बुधवार से हो गया । भागवत कथा के पहले दिन सभी श्रद्धालुओ द्वारा भागवत भगवान की आरती का गायन किया गया । तदोपरांत कथावाचक स्वामी इंद्रदेव जी सरस्वती का जीवन परिचय एवं उनके द्वारा किए जा रहे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों की जानकारी से श्रद्धालुओं को अवगत कराया गया। कथा के पहले दिन महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव जी सरस्वती महाराज ने कहा कि कलश यात्रा में माताओं ने कलश रखकर भागीरथ का कार्य किया है। समुद्र मंथन के समय भी माता लक्ष्मी एवं धन्वंतरि भी कलश लेकर आये थे। अमृत वाले कलश पात्र को लेकर गरुड़ देव आकाश में उड़ गए थे जहां कलश की बूंद गिरी वहाँ आजकल कुंभ के मेले भरते हैं। स्वामी इंद्रदेव जी सरस्वती महाराज ने कथा में श्रद्धा का महत्त्व बताते हुए कहा कि हम सभी की कर्म के प्रति अपार श्रद्धा होना चाहिए। यदि कर्म के प्रति श्रद्धा भरपूर होगी तो कर्म का फल जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि जीवन मे काम के प्रति श्रद्धा वाले जरूर सफल होते है। हमारी श्रद्धा से ज्ञान पैदा होता है एवं श्रद्धा सत्य और असत्य दोनों को धारण करती है। उन्होंने माता शबरी का उदाहरण देते हुए कहा कि शबरी की श्रद्धा गुरुजी व उनके वचनों पर थी । उनके गुरुजी कहते थे कि राम जरूर आएंगे और भगवान श्री राम शबरी की कुटिया में आये। स्वामी इंद्रदेव जी सरस्वती महाराज ने कथा में आगे कहा कि हमारे अंदर श्रद्धा का अभाव एवं टोटकों का प्रभाव अधिक है। यदि भगवान के प्रति आपकीं श्रद्धा है तो आपको टोटकों की ओर नही जाना पड़ेगा। बुधवार को श्रीमद भागवत कथा के पहले दिन बड़ी संख्या मे धर्मप्रेमी श्रद्धालुओ की उपस्थिति रही। कथा में संगीतमय भजनों पर श्रद्धालु भगवान की भक्ति में जमकर नाच रहे है। आयोजक मंडल ने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में प्रतिदिन श्रीमद भागवत कथा में उपस्थिति की अपील की है।
: गाडरवारा,श्रीमद भागवत कथा का आयोजन 1 मई से कल निकलेगी भव्य कलश यात्रा
Tue, Apr 30, 2024
श्रीमद भागवत कथा का आयोजन 1 मई से कल नि
िकलेगी भव्य कलश यात्रा
गाडरवारा। नगर के बोदरी मार्ग स्थित एनटीपीसी आडिटोरियम के सामने श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी श्री इंद्रदेव जी सरस्वती महाराज के मुखारबिंद से संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ आज 1 मई दिन बुधवार से हो रहा है। भागवत कथा के शुभारंभ के पूर्व 1 मई को ही भव्य एवं विशाल कलश यात्रा सुबह 9 बजे से स्थानीय नरसिंहवार्ड से शुरू होकर चौकी मुहल्ला, झंडा चौक , पुरानी गल्लामण्डी से गुजरते हुए वापिस कथास्थल पर समाप्त होगी। कलश यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं एवं धर्मप्रेमी श्रद्धालु शामिल होंगे। प्रतिदिन 1 मई से 7 मई तक शाम 4 बजे से 7 बजे तक संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का आयोजन होगा। कथा के मुख्य यजमान सुरेन्द्र - श्वेता नामदेव , नूपुर एवं समस्त नामदेव परिवार सहित आयोजक मंडल में शामिल समस्त भक्तगणों ने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कलश यात्रा एवं श्रीमद भागवत कथा में उपस्थिति की अपील की है।