: आपकी राशि कौनसी है, राशि के अनुसार आप करें ये कार्य
Fri, Jul 18, 2025
आपकी राशि कौनसी है, राशि के अनुसार करें ये कार्य
🔹
राशि अनुसार घर में रखें ये चीजें
🔹 राशि अनुसार कौन से तेल का दीपक करे
🔹 राशि अनुसार कौन सा रुद्राक्ष धारण करें
🔹 बारह राशियों के मन्त्र
राशि अनुसार इन तेलों का दीपक रखें
1.मेष राशि: चमेली के तेल का2.वृषभ राशि: जैतून के तेल का3.मिथुन राशि: ब्रह्मी के तेल का4.कर्क राशि: चमेली के तेल का5.सिंह राशि: सूर्यमुखी के तेल का6.कन्या राशि: चमेली के तेल का7.तुला राशि: सरसों के तेल का8.वृश्चिक राशि: नारियल के तेल का9.धनु राशि: सरसों के तेल का10.मकर राशि: सरसों के तेल का11.कुंभ राशि: नारियल के तेल का12.मीन राशि: नारियल के तेल का
राशि अनुसार ये रखें अपने घर पर
1.मेष राशि: तांबे से बनी प्रतिमा2.वृषभ राशि: दक्षिणावर्ती शंख3.मिथुन राशि: क्रिस्टल बॉल4.कर्क राशि: कौड़ियां या सीप5.सिंह राशि: लाल वस्त्र में सुपारी लपेटकर6.कन्या राशि: जटाजूटधारी शिवलिंग7.तुला राशि: श्री यंत्र8.वृश्चिक राशि: कांसे की बोतल में गंगाजल9.धनु राशि: गोमती चक्र10.मकर राशि: घोड़े की नाल11.कुंभ राशि: सफेद रंग के पत्थर की मूर्ति12.मीन राशि: समुद्र प्रकट
राशि अनुसार कितने मुखी रुद्राक्ष पहने
1.मेष राशि: 3 मुखी2.वृषभ राशि: 6 मुखी3.मिथुन राशि: 4 मुखी4.कर्क राशि: 2 मुखी5.सिंह राशि: 12 मुखी6.कन्या राशि: 4 मुखी7.तुला राशि: 6 मुखी8.वृश्चिक राशि: 3 मुखी9.धनु राशि: 5 मुखी10.मकर राशि: 7 मुखी11.कुंभ राशि: 7 मुखी12.मीन राशि: 5 मुखी
बारह राशियों के अनुसार मन्त्र
1 मेष राशि का मन्त्रॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मी नारायणाय नमः 2 वृष राशि का मन्त्रॐ गोपालाय उत्तर ध्वजाय नमः 3 मिथुन राशि का मन्त्रॐ क्लीं कृष्णाय नमः 4 कर्क राशि का मन्त्रॐ हिरण्य गर्भाय अव्यक्त रूपिणे नमः 5 सिंह राशि का मन्त्रॐ क्लीं ब्रह्मणे जगदाधाराय नमः 6 कन्या राशि का मन्त्रॐ नमो प्रीं पीताम्बराय नमः 7 तुला राशि का मन्त्रॐ तत्त्वनिरंजनाय तारकरामाय नमः 8 वृश्चिक राशि का मन्त्रॐ नारायणाय सुरसिंहाय नमः 9 धनु राशि का मन्त्रॐ श्रीं देवकृष्णाय रूर्ध्वशूटाय नमः 10 मकर राशि का मन्त्रॐ श्रीं वत्सलाय नमः 11 कुम्भ राशि का मन्त्रॐ श्रीं उपेन्द्राय अच्युताय नमः 12 मीन राशि का मन्त्रॐ क्लीं उद्धृताय उद्घारिणे नमः
: प्रथम सावन सोमवार पर सिहोरा के राम जानकी,बुढ़ानसागर के शिवदरबार में हुआ पूजन व अभिषेक
Mon, Jul 14, 2025
रिपोर्टर अनिल जैन
प्रथम सावन सोमवार पर सिहोरा के राम जानकी,बुढ़ानसागर के शिवदरबार में हुआ पूजन व अभिषेक
सिहोरा-सावन मास के प्रथम सोमवार से ही गांधीग्राम के मन्दिरों में धार्मिक अनुषठानों व रुद्राभिषेक किया गया।देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना और उनका आशीष प्राप्त करने के लिए गांधीग्राम के प्रसिद्ध राम जानकी मन्दिर में स्थापित अष्टधातु के शिव पार्वती, रामजानकी,पारद शिवलिंग का,बड़े हनुमानजी मन्दिर बुढ़ानसागर मन्दिर में शिवदरबार में भगवान्, शंकर-पार्वती, कार्तिकेय भगवान की,बंजारी माता मंदिर में स्थापित शिवलिंग व बड़ी मढ़िया में भगवान शिव पार्वती की मूर्तियों का पूजन अर्चन व अन्य शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक,पार्थिव शिवलिंग निर्माण महिलाओं ने किये। पर्व पर दर्शन-पूजन एवं जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मन्दिरों में सुबह से ही रही।मन्दिर समितियों की ओर से प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के अलग-अलग व्यवस्था की गई थीं। शिव मंदिरों में महारुद्राभिषेक, शिव सहस्रार्चन, शिवस्रोत के पाठ के लिए भी मंदिरों में पुजारियों द्वारा किया गयाशिवालयों में शिव भजनों पर आधारित रात्रि भजन,अखण्ड रामायण पाठ भी किया जा रहा है। मंदिर में भी जलाभिषेक, महारुद्राभिषेक के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में जुट रहे हैं। राम जानकी मन्दिर के पुजारी पुनीत तिवारी, मुख्य पुजारी,बंजारी माता के पुजारी हरिप्रसाद,हनुमानजी मन्दिर बुढ़ानसागर शुभम त्रिपाठी, प्रकाश मिश्रा, रामधनी चौरसिया, भूपेंद्र चौरसिया के मुताबिक दर्शन के अतिरिक्त परिसर में महारुद्राभिषेक का धार्मिक कार्य जारी है।*सावन में शिव अभिषेक का महत्व-पौराणिक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि सावन में शिव अभिषेक का विशेष महत्व है।धर्म ग्रंथों के अनुसार पार्थिव शिवलिंग के पूजन से शिवजी का आशीर्वाद मिलता है। समुद्र मंथन में निकले विष का पान करने के बाद जलन को शांत करने शिवजी का जलाभिषेक किया गया था। यह विधि अपनाई जाती है। इसके साथ ही आंक व बिल्व पत्र चढ़ाने से अनिष्ट ग्रह की दशा भी शांत होती है। दूध में काले तिल से अभिषेक करने से चंद्र संबंधित कष्ट दूर होते हैं।
: तीन दिवसीय धेनु रक्षा व्यास पूर्णिमा महामहोत्सव का ओंकारेश्वर में शुभारंभ
Thu, Jul 10, 2025
तीन दिवसीय धेनु रक्षा व्यास पूर्णिमा महामहोत्सव का ओंकारेश्वर में शुभारंभ
ओंकारेश्वर/10 जुलाई, 31 भगवान ओंकारेश्वर महादेव एवं ममलेश्वर महादेव की पावन सन्निधि एवं मां नर्मदा जी की पावन साक्षी में 31वर्षीय गो पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पद यात्रा के प्रणेता ग्वाल सन्त पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में भगवती गोमाता की पूजन से व्यास पूर्णिमा के पूर्व दिवस आषाढ़ शुक्ला चतुर्दशी से तीन दिवसीय धेनु रक्षा व्यास पूर्णिमा महामहोत्सव का गोपाल परिवार संघ के हजारों गो प्रेमियों की उपस्तिथि के साथ शुभारंभ हुआ ।महामहोत्सव के प्रथम दिवस की गो कृपा कथा में पूज्य स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती ने बताया कि हम यात्री बन कर इस संसार में आएं है , लेकिन हम रास्ता भटक कर इस संसार में उलझ रहे है । हम लोगों को कन्हैया ने धरती पर गौसेवा के लिए भेजा है। अपने आप जीवन का एक एक क्षण ऐसा कर गुजरने के लिए है जिससे संसार तो सुंदर लगे ही लेकिन उससे भी बढ़िया संसार बनाने वाला लगे। संसार के किसी व्यक्ति से कोई उम्मीद कर रहे है तो वह कभी पूरी नहीं हो सकती। भौतिक आंखों से जो भी हमे नजर आता है उससे दुख के अतिरिक्त कुछ नहीं मिलेगा। यही वास्तव में सुख चाहिए तो हमें गोमाता की शरण में जाना चाहिए। प्रभु से मिलन का साधन सिर्फ गोमाता ही है। गोमाता से देरी ओर दूरी दोनों नहीं होनी चाहिए। आज से ही हमे प्रभु ने जो सामर्थ्य दिया है उसके अनुरूप गौसेवा प्रारंभ कर देनी चाहिए। 24 घंटे में से 4 घंटे यदि हमने पूरी आत्मीयता से गौसेवा में लगा दिया तो वह सब कुछ हमे प्राप्त हो सकता है जो हम चाहते है। सन 2025 से 2030 के मध्य भगवान को प्राप्त करने का बहुत सही समय है। यह सही क्यों है क्यों कि इस समय लाखों गोमाताएं सड़कों पर है। हम चाहे तो कई गौमाताओं की सेवा कर सकते है। यदि कोई भगवान की भक्ति करते हो और कोई पूरे मनोभाव से गौसेवा करते हो तो निश्चित भगवान की कृपा उस पर पहले होगी जो गौसेवा में लगा है। यह स्वर्णिम समय गो सेवा करने का ओर भगवान को प्राप्त करने का।महोत्सव में रात्रि में भजन संध्या एवं श्री जीवन सूत्र पर पूज्य स्वामी जी ने 36 वें दिवस का प्रवचन दिया ।महामहोत्सव के द्वितीय दिवस पर ब्रह्ममुहूर्त से पूज्य गुरुदेव भगवान ब्रह्मलीन स्वामी राम ज्ञान तीर्थ जी महाराज की चरण पादुका के साथ द्वितीय दिवस का शुभारंभ हुआ ।तृतीय दिवस पर प्रातः 08 बजे से सायंकाल 04 बजे तक गोपाल परिवार संघ के माध्यम से युवाओं में कार्य करने वाले ग्वाल सेवा संघ एवं मातृशक्ति के माध्यम से कार्य करने वाले धेनु शक्ति संघ का शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा जिसमें देशभर से हजारों युवा एवं मातृशक्ति भाग लेंगे ।