: मारिच बना स्वर्ण म्रग, रावण ने किया सीता हरण
Thu, Oct 10, 2024
जितेन्द दुबे,शाहनगर
मारिच बना स्वर्ण म्रग, रावण ने किया सीता हरण
शाहनगर नि . प्र । भगवान राम के विभिन्न प्रसंगों का मनमोहक मंचन शाहनगर के टिकरिया में रामलीला के माध्यम से किया जा रहा है । जहां बुधवार को सूर्पनखा का नासिक छेदन , खर-दूषण बध , और मारिच का स्वर्ण म्रग बनकर सीता के सामने आना और सीता हरण व बाली-सुग्रीव का युद्ध का मंचन टिकरिया के स्थानीय कलाकारों के द्वारा किया गया। पंडाल में महिला दर्शकों की जमकर भीड़ नजर आई। बुधवार को सूर्पणखा का नासिक छेदन से रामलीला मंचन की शुरुआत हुई। इसके बाद खरदूषण वध, सीता हरण व श्री राम सुग्रीव मित्रता , बालि वध का आकर्षक मंचन कर कलाकारों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामलीला में सोने का मृग देख सीता जी ने उसे पाने की जिद की तो भगवान राम ने मृग का पीछा किया। माया रूपी मृग भगवान राम को जंगल की ओर दूर लेकर चला गया। हाय राम-हाय राम की आवाज सुन सीता जी परेशान हो गईं। कहा कि मेरे राम संकट में हैं। उनकी मदद के लिए सीता जी ने लक्ष्मण को भेजा। लक्ष्मण ने जाते समय उन्होंने कुटी के चारों ओर तीर से रेखा खींच दी और माता सीता से उसके पार न जाने को कहा। लक्ष्मण को जाते ही रावण ब्राह्मण का वेश में पहुंचा और भिक्षा के बहाने उनका हरण कर लिया। राम व लक्ष्मण व सीता की खोज में वन-वन भटकते व विलाप करते किष्किन्धा पर्वत पहुंचे। यहां भगवान राम व हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई। दोनों का मिलाप देख दर्शक भावुक हो गए। हनुमान जी भगवान राम को सुग्रीव से मिलाएं। राम की मित्रता सुग्रीव से हुई। सुग्रीव ने अपनी सारी समस्या भगवान राम से बताया। इसके बाद बाली व सुग्रीव का युद्ध हुआ।कार्यक्रम में श्री राम की भुमिका में - बाबू व्यास लक्ष्मण - लालजी कुररिया सीताजी - प्रिंस और का सुन्दर मंचन रावण विकाश पाठक मंत्री - महाराज सिंह यादव जटायु - दीपक परोहा सूर्पनखा - प्रेम सिंह मारीच - सरमन लाल विश्वकर्मा ने सुन्दर अभिनय कर उपस्थित जन समुदाय का मन मोह लिया ।
: कुंडलपुर में 11 अक्टूबर को भगवान शीतलनाथ जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा
Thu, Oct 10, 2024
कुंडलपुर में 11 अक्टूबर को भगवान शीतलनाथ जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा
कुंडलपुर दमोह। सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में जैन धर्म के दसवें तीर्थंकर भगवान श्री शीतलनाथ जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव 11 अक्टूबर शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जाएगा ।इस अवसर पर प्रातः भक्तामर महामंडल विधान ,पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, शांति धारा, पूजन ,विधान होगा ।अत्यंत भक्ति भाव के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। सायंकाल भक्तामर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महा आरती होगी।
: गाडरवारा,बच्छ बारस पर गाय बछड़े की पूजा की
Fri, Aug 30, 2024
बच्छ बारस पर गाय बछड़े की पूजा की
गाडरवारा । भादो माह की व्दादशी तिथि के दिन बछ बारस पर मनाया जाता है । इस दिन पुत्रवत महिलाओं अपने पुत्र के स्वास्थ्य और लम्बी उम्र के लिए गौमाता से प्रार्थना करती। है। और बछड़े के साथ वाली गाय की भक्ति भाव और भारतीय संस्कृति और परम्परा के अनुसार पूजा अर्चना करती हैं । यह पर्व विशेष रूप से राजस्थानी मारवाड़ी समाज की महिलाओं व्दारा सामुहिक रूप से विभिन्न स्थानों पर लोकपरम्पराओ के संवर्धन की दिशा में मनाया जाता है । इस दिन चाकू से काटी गई वस्तुएं, गेहूं, जौ, और गाय के दूध से वनी चीजो का सेवन निषेध रहता है /एक दिन पहले ही रात्रि में मूंग, मोठ, चने, बाजरा, भिगोकर रख दिया जाता है जिसे भिगोना कहते हैं,जिसे उपवास अनुसार महिलायें सेवन करती हैं ।गाडरवारा नगर में विभिन्न स्थानों पर यह पावन सनातन पर्व को उत्साहित होकर मनाया गया । प्रस्तुत चित्र में माहेश्वरी और मारवाड़ी सोनी परिवार नै पलोहा नाका स्थित मोलासरिया दाल में मनाया गया