: त्रय आचार्य संघों का कुंडलपुर में 3 मार्च को मंगल प्रवेश होगा
Wed, Mar 1, 2023
त्रय आचार्य संघों का कुंडलपुर में 3 मार्च को मंगल प्रवेश होगा
कुंडलपुर ।सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में परम पूज्य गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य आचार्य श्री विभवसागर जी महाराज, आचार्य श्री विनम्रसागर जी महाराज, आचार्य श्री विहर्ष सागर जी महाराज का ससंघ( 50 पिच्छी) का मंगल प्रवेश कुंडलपुर की पावन धरा पर संभवत 3 मार्च को प्रातः 8:00 बजे होने जा रहा है। त्रय आचार्य संघ पथरिया विरागोदय महोत्सव सानंद संपन्न कर दमोह ,पटेरा होते हुए सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर पूज्य बड़े बाबा के श्री चरणों में पधार रहा है। कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष चंद्रकुमार सराफ ने सभी धर्म श्रद्धालुओं से कुंडलपुर पधार कर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।
: जो खुद को समझ पाते हैं वे ही खुदा बन पाते हैं,मुनि श्री निरंजनसागर जी महाराज
Mon, Feb 27, 2023
जो खुद को समझ पाते हैं वे ही खुदा बन पाते हैं,मुनि श्री निरंजनसागर जी महाराज
कुंडलपुर। सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में मुनि श्री निरंजन सागर महाराज ने कहा सब का पता हमें पता है पर खुद का पता पता नहीं ।साइंस ऑफ लिविंग के सत्र में हम खुद को खोजने जा रहे हैं। यह प्रयास जिन्होंने पूर्ण कर लिया उन्होंने अनंत आनंद की प्राप्ति कर ली है। हम स्व और पर के भेद विज्ञान को समझने का प्रयास करें ।स्व अर्थात आत्म तत्व और पर अर्थात इस आत्म तत्वों से भिन्न जो भी दृश्यमान अदृश्य मान सत्व है सभी ।हम स्व की ओर ध्यान न देकर पर की ओर ध्यान देते हैं ,तो यह हमारी अज्ञानता है ।आचार्य कहते हैं उत्तमा स्व आत्म चिंता अर्थात अपनी आत्मा की चिंता करना उत्तम है श्रेष्ठ है ।इसे सही स्वार्थी कहां है (स्व+ अर्थी) जो अपने आत्म तत्व को ग्रहण करता है उसे स्वार्थी कहते हैं ।लौकिक जगत में स्वार्थी तो सभी हैं परंतु आध्यात्मिक जगत में स्वार्थी बनना सही मायने में स्वार्थी है। हम देहाती है (देह+ अति) जो देह पर अतिरिक्त ध्यान देवें वह देहाती ही तो है। यह बहुमूल्य नर पर्याप्त नारायण बनने का खुद से खुदा बनने का आत्मा से परमात्मा बनने का मार्ग प्रशस्त करने वाली पर्याय है ।जो व्यक्ति स्वयं चार कदम नहीं चल सकता वह दूसरों को क्या सहारा देगा। इसी प्रकार जो अपना आत्म कल्याण नहीं कर सकता वह दूसरों का या जगत का कल्याण क्या करेगा। इसलिए सर्वप्रथम अपने आत्मतत्व की चिंता अर्थात उसका ध्यान, मनन ,श्रद्धान चिंतवन करो ,जिसके माध्यम से इस निरंजन निराकार ज्योति स्वरूप की प्राप्ति की जा सके। हमारा पता हमें पता नहीं और जगत का पता हम पता करने में लगे हैं। ऐसा व्यक्ति लापता( मूर्ख)ही कहलाता है ।जिसे स्वयं का पता भी पता नहीं। हम आज तक देहाती बनते आए हैं पर देहातीत (देह + अतीत) नहीं बन पाए हैं ।उस सिद्ध अवस्था को प्राप्त नहीं कर पाए हैं। आज भगवान बनने की होड़ सी मची रही है ।सभी ऐश्वर्य वाली प्रभुता से युक्त बनना चाहते हैं। अपनी ढपली अपना राग। स्वयं तो निराधार और जगत को दिखा रहे आधार ।ऐसे लोगों का नारा है भक्त नहीं भगवान बनेंगे ।आप भगवान बने और सभी भगवान बने यह श्रेष्ठ विचार है, परंतु बिना भक्त बने भगवत सत्ता को प्राप्त करना त्रिकाल असंभव है ।हमने आज तक ऐसी भक्ति नहीं की जिसके माध्यम से भगवान बनने का मार्ग खुल जाए। बिना मार्ग पर चले मंजिल नहीं मिलती। आप लोग कहते हैं आप में जब तक के कोई आपको पता नहीं ।मोक्ष के मंदिर तलक हरगिज़ कदम जाता नहीं। जो बिना भक्त बने भगवान की परिकल्पना मन में रखे हुए है। यह एक विकृत मानसिकता का नकारात्मक परिणाम है। खुदा बनने के पहले खुद को समझना होगा। इस संसार में स्वयं को समझने के तीन ही ऐसे समीचीन माध्यम है जिनका अवलंबन लेकर खुद को समझा जा सकता है। जिसके जीवन में सच्चे देव हैं जिसके जीवन में सच्चे गुरु हैं और जिसके जीवन में सच्चे शास्त्र हैं वही व्यक्ति इन तीन रत्नों के माध्यम से अपने स्वरूप तक पहुंच सकता है। यह शरीर शव बने इसके पहले शिव (मोक्ष) को जाने का मार्ग जानना उस पर चलना होगा। अर्थी से पहले अर्थ को समझें ,उस अर्थ को सार्थक करें वरना अनर्थ निश्चित है ।जो सिद्धि प्रसिद्धि से कोसों दूर है उसने ही अपने आत्म तत्व को सिद्ध किया है ।जिसने खुद को समझने का प्रयास किया है ।पूरी दुनिया ने भी उसी को समझने का प्रयास किया है ।पूरी दुनिया में ऐसे विरले ही लोग हैं जो खुद को समझ पाते हैं वे हीं खुदा बन पाते हैं।जयकुमार जैन जलज
: नर्मदा परिक्रमा सेवा यात्रा का सिवनी में प्रवेश 28 फरवरी को
Mon, Feb 27, 2023
नर्मदा परिक्रमा सेवा यात्रा का सिवनी में प्रवेश 28 फरवरी को
सिवनी।समर्थ सद्गुरु भैया जी सरकार(दादा गुरु) की अखण्ड निराहार पैदल नर्मदा परिक्रमा सेवा यात्रा का सिवनी जिले में प्रवेश 28 फरवरी को माँ नर्मदा के दक्षिण छोर में हो रहा है*
.निर्धारित कार्यक्रमानुसार 28 फरवरी को सायं 5 बजे यात्रा जिले के भिलाई पहुचेगी जहां दुर्गा मंदिर में समर्थ वाणी के साथ रात्रि विश्राम होगा . 01 मार्च को पैदल यात्रा का घंसौर मुख्यालय में प्रवेश सन्ध्या काल मे होगा .स्थानीय खेरमाई मन्दिर में समर्थ वाणी .प्रसादी ओर रात्रि विश्राम होगा ।दिनांक 02 मार्च को यात्रा घँसौर से अगले गन्तव्य की ओर प्रस्थ्य होगी .मध्यान प्रसादी रामकुंडी .दुर्जनपुर में होकर रात्रि विश्राम बरगी नगर में होना तैय हुआ है ।
मैया ओर भैया के दीवानों से निवेदन है कि नर्मदा पैदल यात्रा में शामिल होकर धर्मलाभ लेवे ।निर्धारित यात्रा मार्ग28 फरवरी - भिलाई .समर्थ वाणी .रात्रि विश्राम।01 मार्च .-कुडोपार में मध्यान भोजन प्रसादी।01 मार्च - समर्थ वाणी .रात्रि विश्राम।02 मार्च- दिवारी में प्रसादी ।02 मार्च - रात्रि विश्राम बरगी नगर ।