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: भारतीयता की पहचान, साड़ी है नारी का परिधान"

Aditi News Team

Sun, Jun 9, 2024
"भारतीयता की पहचान, साड़ी है नारी का परिधान" आगामी आने वाले पर्व महेश नवमी के उपलक्ष में माहेश्वरी महिला संगठन के द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय परिधान *साड़ी वाकेथान* देशभर में एक साथ आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय माहेश्वरी समाज की सभी महिलाओं द्वारा पीले रंग की साड़ी पर लाल चुनरी का दुपट्टा पहनकर घंटी की सकारात्मक ध्वनि के साथ मुख्य अतिथि व आमंत्रित अतिथियों के साथ क्रमबद्ध रूप से मंदिर में प्रवेश किया गया। मंदिर में श्री गणेश जी का पूजन कर मुख्य अतिथि द्वारा बोर्ड का अनावरण किया गया। इसके द्वारा यह संदेश दिया गया कि हमारे देवालय हमारी अतुल्य संस्कृति की पहचान है और हमारे परिधान हमारा सांस्कृतिक गौरव है। मुख्य अतिथि भूतपूर्व *विधायक साधना जी स्थापक* भी पीली साड़ी व लाल चुनरी का दुपट्टा पहनकर इस आयोजन में शामिल हुई व उनके द्वारा यह बताया गया की साड़ी एक ऐसा परिधान है जिसमें मां के आंचल की महिमा छुपी हुई है, आज वह आंचल कहीं विलुप्त होता जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय माहेश्वरी महिला संगठन को भी साधुवाद व धन्यवाद दिया कि जिनके द्वारा यह एक अच्छी पहल की गई और सभी का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया है। इसके साथ ही इस आयोजन में आमंत्रित अतिथि प्रशासनिक अधिकारी अकाउंट ऑफिसर जनपद पंचायत चीचली श्रीमती मीना दुबे, आदित्य पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती लता काबरा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती मंगला जी काबरा, नर्मदा संभाग सांस्कृतिक सचिव श्रीमती स्नेहा जी काबरा, प्रादेशिक सहसंयोजीकाये अरुणा जी काबरा, सरिता जी पलोड, दीपा जी काबरा, छत्रछाया संयोजिका गीतिका जी काबरा, जिला अध्यक्ष सुधा पलोड, जिला सचिव मधु मालानी, स्थानीय अध्यक्ष अनुराधा काबरा, स्थानीय सचिव लक्ष्मी काबरा के साथ सभी सामाजिक महिलाओं की उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि व सभी आमंत्रित अतिथियों को उपरना व लिप्पन कलाकृति की नेम प्लेट देकर माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा सम्मानित किया गया। अंत में सभी सामाजिक महिलाओं द्वारा यह शपथ ली गई की सभी धार्मिक स्थलों, सामाजिक कार्यक्रमों व पर्व पर साड़ी पहन कर अपनी संस्कृति का सम्मान करेंगे और इसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

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