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संदेह के घेरे में पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट : गाडरवारा में महीनों से कॉलोनी में खड़ी सरकारी स्वास्थ्य वाहन पर उठे गंभीर सवाल

Aditi News Team

Thu, May 21, 2026

संदेह के घेरे में पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट : जनता की सेवा या रहस्यमयी ठिकाना?

गाडरवारा में महीनों से कॉलोनी में खड़ी सरकारी स्वास्थ्य वाहन पर उठे गंभीर सवाल

गाडरवारा। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही “पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU)” इन दिनों गाडरवारा में चर्चा, संदेह और सवालों के केंद्र में आ गई है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपयोग में लाई जाने वाली यह मोबाइल मेडिकल यूनिट लंबे समय से एक निजी कॉलोनी में खड़ी दिखाई देने के कारण अब लोगों के बीच गंभीर चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस वाहन को पिछले तीन से चार महीनों से नियमित स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रिय रूप से उपयोग होते दिन में कहीं जाते हुए नहीं देखा गया परन्तु रात में आवागमन हो सकता है। लोगों का कहना है कि वाहन पहले अस्पताल रोड क्षेत्र में एक निजी प्लॉट पर सिविल हॉस्पिटल से लगभग 400 से 500 मीटर दूरी पर लंबे समय तक खड़ा रहा और बाद में इसे कॉलोनी के अंदर खड़ा कर दिया गया। आरोप यह भी हैं कि वाहन दिन के समय स्वास्थ्य शिविरों या ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करता दिखाई नहीं देता। संदेह यह है कि गाडरवारा तहसील में जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट का असली चेहरा के।या है स्वास्थ्य सेवा संबंधी उपयोग या काले कारनामे या अवैध कारोबार..?

आखिर क्या है पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट?

पीएम जनमन योजना के तहत संचालित यह मोबाइल मेडिकल यूनिट दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई है। इन वाहनों में प्राथमिक उपचार, ब्लड जांच, शुगर जांच, टीबी स्क्रीनिंग, गर्भवती महिलाओं की जांच, दवा वितरण और स्वास्थ्य शिविर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। सरकार द्वारा इन वाहनों को उन क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने का माध्यम बताया गया है जहां अस्पतालों तक पहुंच सीमित है।लेकिन जिस प्रकार यह वाहन लंबे समय से एक निजी कॉलोनी में निष्क्रिय दिखाई दे रहा है, उससे योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि यह वाहन वास्तव में सक्रिय सरकारी मोबाइल मेडिकल यूनिट है, तो सामान्य परिस्थितियों में इसे : जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या NHM परिसर में खड़ा होना चाहिए या फिर ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए स्वास्थ्य सेवाएं देते दिखाई देना चाहिए। लेकिन जब ऐसा वाहन महीनों तक किसी निजी कॉलोनी में खड़ा मिले, तो कई गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक हैं।

लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आखिर यह वाहन किसके नियंत्रण में संचालित हो रहा है और क्या इसका उपयोग वास्तव में जनता की सेवा के लिए हो रहा है या नहीं। यदि कोई सरकारी स्वास्थ्य वाहन निजी स्थान पर स्थायी रूप से खड़ा रहे, जनता को स्वास्थ्य लाभ न पहुंचा रहा हो, बिना ड्यूटी निष्क्रिय रखा जाए, नियमित स्वास्थ्य सेवाओं में उपयोग न हो रहा हो, तो यह सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग, प्रशासनिक लापरवाही और योजनाओं के संचालन पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करता है।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU)

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