Sunday 16th of August 2026

ब्रेकिंग

आरोपी वीरेन्द्र एवं एक विधि के उल्लंघनकर्ता बालक को अभिरक्षा में लिया गया।

एसडीएम को लिखित शिकायत के बावजूद जांच के लिए नहीं पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप

कुण्डलपुर में पहुंचे श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज ने कहा कि

तेंदूखेड़ा विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल (मुलायम भैया) ने ग्राम खुलरी में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी

सर्पों का प्रदर्शन करना,दिखाना पकड़ना,जीव संरक्षण अधिनियम 1972 व पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के तहत अपराध है भागीरथ तिवारी

मनगवॉ में प्रशासनिक स्थगन बना मौत का खतरा : जर्जर मकान में जीने को मजबूर हरिजन परिवार, कभी भी गिर सकती है छत…

Aditi News Team

Mon, Feb 9, 2026

मनगवॉ में प्रशासनिक स्थगन बना मौत का खतरा

जर्जर मकान में जीने को मजबूर हरिजन परिवार, कभी भी गिर सकती है छत…

रीवा । मनगवॉ बाजार के वार्ड क्रमांक 09 में रहने वाला एक गरीब हरिजन परिवार इन दिनों दहशत और मौत के साए में जीवन गुजारने को मजबूर है। कारण है उनके घर की अत्यधिक जर्जर दीवारें और छत, जो रोज़ाना टूट-टूटकर गिर रही हैं। हालत इतनी भयावह है कि यह मकान किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।

इस क्षतिग्रस्त मकान में गणेश साकेत पिता परदेशी साकेत अपने बेटे, बहू, पत्नी और बच्चों सहित आधा दर्जन से अधिक परिजनों के साथ निवास कर रहे हैं। हर दिन परिवार के लोग इस डर में जी रहे हैं कि न जाने कब छत गिर जाए और पूरा परिवार मलबे में दब जाए।

कोर्ट का स्थगन, परिवार की जान पर भारी

पीड़ित गणेश साकेत ने बताया कि मकान को लेकर पारिवारिक मामूली विवाद बच्चों के हिस्से-बंटवारे से जुड़ा है, जिसका प्रकरण मनगवॉ राजस्व न्यायालय में एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले में स्थगन आदेश दिए जाने के कारण जर्जर छत की मरम्मत तक नहीं कराई जा रही है।

स्थगन आदेश अब न्याय नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के लिए मौत का फरमान बनता जा रहा है।

सीएम हेल्पलाइन से लेकर अफसरों तक लगाई गुहार

पीड़ित परिवार ने सीएम हेल्पलाइन, स्थानीय प्रशासन और तमाम आला अधिकारियों तक अपनी फरियाद पहुंचाई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण उनकी जान खतरे में है।

गणेश साकेत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि..

“अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ और छत गिरने से किसी की जान गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”

प्रधानमंत्री आवास योजना से भी वंचित

गरीबी की मार झेल रहा यह परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना से भी वंचित है। पीड़ित का कहना है कि नगर परिषद में कई बार आवेदन देने के बावजूद कभी दस्तावेज़ तो कभी अन्य बहानों से उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया गया।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल..

एक तरफ सरकार गरीबों को पक्के मकान देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर मनगवॉ में एक दलित परिवार जर्जर छत के नीचे मौत गिन रहा है। सवाल यह है कि

क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा?

फिलहाल पीड़ित परिवार प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय और सुरक्षा की गुहार लगा रहा है।

Tags :

अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

रीवा कलेक्टर

जरूरी खबरें