Thursday 11th of June 2026

ब्रेकिंग

आचार्य प्रवर संत तारण तरण मण्डलाचार्य महाराज के परम साधक बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया का

गाडरवारा एनटीपीसी के परियोजना प्रमुख श्री हिम्मत सिंह चौहान को कार्यकारी निदेशक (Executive Director) पद पर पदोन्नत किया

लाखों रुपये की लागत से कराए गए नाली और सड़क निर्माण कार्यों पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए

सांकल रोड पर 25 ट्रेक्टर-ट्राली खनिज रेत जप्त कर अवैध भण्डारण का प्रकरण दर्ज किया

सूत्रों के अनुसार कई किलो सोना और हीरे मोती जो दान पत्र में डाले जाते थे इसका लेखा-जोखा नहीं है

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में धन की चोरी का मामला चर्चा में : सूत्रों के अनुसार कई किलो सोना और हीरे मोती जो दान पत्र में डाले जाते थे इसका लेखा-जोखा नहीं है

Aditi News Team

Thu, Jun 11, 2026

चंपत राय,गोपाल,डा अनिल मिश्रा एवं चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का हो नारको टेस्ट

श्री राम जन्मभूमि मंदिर के चंदे में करोड़ों की हेरा फेरी पर जनता का विश्वास टूटा

अयोध्या श्री राम जन्मभूमि उद्घाटन के उपरांत एक बार पुनःचर्चा में है, चर्चा का मुख्य कारण श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में धन की चोरी का मामला है, पवित्र श्री राम की नगरी अयोध्या सदियों से चर्चा में रही है अनेकों महापुरुषों ने जन्म लिया। त्याग और समर्पण और ढाई सौ वर्षो की तपस्या बलिदान प्रतिक्षा के बाद यह शुभ घड़ी आई थी श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण हुआ। इस मंदिर निर्माण के लिए भारत की धरती एवं विदेशों में भी जन्म लेने वाला भारतवासी जो सनातनी है व्यवसाय से लेकर भिक्षा मांगने वालों तक अपनी सामर्थ्य के अनुसार मंदिर निर्माण के लिए अपनी पूरी क्षमता के साथ सहयोग किया। इस पूरे चढ़ावा चोरी प्रकरण से आम हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई है । मोदी और योगी पर जनता का अटूट विश्वास है कहीं चंदा चोरी के कारण आम जनमानस का विश्वास डगमगाएगा । क्योंकि 2027 में उत्तर प्रदेश सरकार का चुनाव होने वाला है। पूर्व लेखाधिकारी महिपाल सिंह एवं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के दावो को बल मिला है। ट्रस्ट के एक बहुत छोटे कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई किलो सोना और हीरे मोती जो दान पत्र में डाले जाते थे इसका लेखा-जोखा नहीं है पूर्व में गुजरात के एक हीरा व्यवसायी ने 11 करोड़ का मुकुट श्री राम जन्मभूमि को सौपा था वह भी गायब था जबऑनलाइन मुकदमा पंजीकृत हुआ उसके बाद वही गायब मुकुट बरामद हो गया था ।आखिर कैसे,आनन फानन में गायब मुकुट बरामद हो गया था, इस रहस्य को दफन कर दिया गया था।इधर जब विपक्षी पार्टियों ने इस चंदा चोरी प्रकरण पर सवाल उठाना शुरू किया तो ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय सामने आए और सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनमानस को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया कि किसी प्रकार की चंदा चोरी नहीं की गई यह ऑडिट का मामला है हर महीने इस प्रकार की कार्यवाही होती है लेकिन आम जनमानस से चंपत राय का विश्वास डगमगा गया है। जनता को यह लगने लगा है कि कुछ ना कुछ तो गड़बड़ अवश्य ही है जो बार बार सामने आकर सफाई देने लगते हैं। देश के कई प्रमुख अखबारों ने इस खबर को पहली खबर बनाते हुए प्रथम पेज पर प्रकाशित किया है ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल मिश्रा ,गोपाल जी, चंपतराय नोट गिनने वाले संगणक आम जनमानस की नजर में विश्वास खो चुके हैं आम जनमानस की मांग है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा बैंक कर्मियों तथा नोट गिनने वालों के साथ चंपत राय के ड्राइवर राम शंकर यादव का नार्को टेस्ट कराया जाए तभी दूध का दूध और पानी का पानी अलग होगा तथा जनता के आक्रोश को भी कम किया जा सकता है ।

जनपद अयोध्या में कुछ ऐसे चाटुकार नेताओं का उदय हुआ है, जो चमपत राय और अनिल मिश्रा को राजा हरिश्चंद्र की उपाधि देकर क्लीन चिट जांच से पहले दे दे रहे हैं।आखिर चमपत को यह नहीं मालूम की अचानक कैसा चमत्कार हुआ जो उनका ड्राइवर करोड़ों का मालिक हो गया। एक ड्राइवर किस अधिकार से श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट में चढ़ावे में धन व कीमती वस्तुओं पर अपना अधिकार समझता था। क्या चमपत राय ने उसे पावर दे रखा था।।

रही बात अनिल मिश्रा की तो वह भी इस घिनौने खेल में संलिपित लगते हैं। उनके नवनिर्मित आलीशान मकान को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

मिली जानकारी के अनुसार ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का आधार कार्ड एवं पैन कार्ड एवं उसके रिश्तेदारों का पैन व बैंक खाता चेक कराया जाए तो खुद ही पता चल जाएगा की मंदिर फैसले के पहले इनके पास कितनी संपत्ति थी और वर्तमान समय में उनकी संपत्ति कितनी है अगर करोड़ों की संपत्ति आई तो कहां से आई, जनपद अयोध्या में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के कई होटलो में हिस्सेदारी है और कई आवासीय प्लेटों के मालिक हैं, तथा आधा दर्जन इनका अयोध्या में निजी रेस्टोरेंट है। टिन्नू यादव के पास यह अकूत संपत्ति कहां से आई क्योंकि मामला ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय का है इसलिए कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है लेकिन जनता को जवाब देना ही पड़ेगा राम जन्मभूमि के निर्माण के लिए इस देश के लाखों लोगों ने अपने को न्योछावर किया है। उनकी आत्मा रो रही है क्या मैंने अपना बलिदान इसीलिए दिया था विश्व हिंदू महासंघ के एक पदाधिकारी इस घटना से बहुत आहत हैं उन्होंने कहा है कि इस संपूर्ण प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए और दोषियों को कत्तई बख्शा नहीं जाना चाहिए क्योंकि यह हिंदुओं के आराध्याआदर्श भगवान राम के भक्तों के विश्वास को ठेस पहुंचने वाला मामला है इससे जनता का विश्वास कायम रखना जरूरी है।

Tags :

अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी

श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट अयोध्या

जरूरी खबरें