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: गेहूँ उपार्जन के लिए खरीदी केन्द्रों के निर्धारण में अपनायें पूरी पारदर्शी प्रक्रिया कलेक्टर ने ली उपार्जन समिति की बैठक

Aditi News Team

Sat, Feb 3, 2024
गेहूँ उपार्जन के लिए खरीदी केन्द्रों के निर्धारण में अपनायें पूरी पारदर्शी प्रक्रिया कलेक्टर ने ली उपार्जन समिति की बैठक कलेक्टर दीपक सक्सेना ने आज शनिवार को आयोजित जिला उपार्जन समिति की बैठक में समर्थन मूल्य पर गेहूँ के लिए खरीदी केन्द्रों के निर्धारण में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिये हैं। श्री सक्सेना ने कहा कि खरीदी केन्द्रों के निर्धारण और मेपिंग में किसानों की सुविधा का ध्यान रखा जाये और गोदाम स्तरीय खरीदी केन्द्र ही बनाये जायें। बैठक में कलेक्टर ने गेहूं उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया 5 फरवरी से प्रारंभ करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि पंजीयन की शुरूआत सहकारी समितियों से की जाये। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर, जनपद स्तर पर और तहसील कार्यालयों में स्थित सुविधा केन्द्रों में भी किसानों को पंजीयन की सुविधा दी जाये। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा एमपी ऑनलाइन कियास्क सेंटर, कामन सर्विस सेंटर और लोक सेवा केन्द्रों में भी पंजीयन केन्द्र स्थापित करने पर जोर दिया ताकि किसानों को पंजीयन कराने ज्यादा दूरी तय नहीं करनी पड़े। श्री सक्सेना ने बैठक में सिकमीनामा अनुबंध की प्रक्रिया का भी व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सिकमीनामा अनुबंध की विधिवत प्रक्रिया अपनाई जाने पर ही सिकमीनामा के पंजीयन हों। सिकमीनामा के आधार पर किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समिति स्तर पर बनाये गये पंजीयन केन्द्रों में ही किया जाये। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि खरीदी केन्द्रों एवं भण्डारण के लिए गोदामों का निर्धारण शासन द्वारा तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही हो। खरीदी केन्द्रों का निर्धारण प्राथमिकता की श्रेणी के अनुसार हो और उनकी सूची जिले की बेबसाईट एवं संबंधित कार्यालयों की सूचना पटल पर प्रदर्शित की जाये। उस पर विधिवत दावे-आपत्तियां भी प्राप्त की जाये तथा दावे-आपत्तियों के निराकरण के बाद ही उन्हें अंतिम रूप दिया जाये। कलेक्टर ने बैठक में किसानों से उपार्जित गेहूं के भण्डारण में शासकीय गोदामों को प्राथमिकता देने की हिदायत भी दी। उन्होंने निजी गोदामों के साथ अनुबंध की प्रक्रिया जल्दी पूरी कर लेने के निर्देश भी दिये। श्री सक्सेना ने बैठक में स्पष्ट किया कि धान के उपार्जन में जो कमियां रह गई हैं उन्हें गेहूं उपार्जन के दौरान दोहराया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को भी हिदायत दी कि किसानों के पंजीयन के सत्यापन में खासतौर पर सिकमीनामा के पंजीयनों के सत्यापन में सावधानी बरती जाये। उन्होंने खरीदी केन्द्रों एवं गोदामों की भण्डारण क्षमता के सत्यापन में भी विशेष सावधानी बरतनें के निर्देश एसडीएम एवं तहसीलदारों को दिये। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह, संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक नदीमा शीरी, विपणन मंत्री वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।

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