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: शरबती गेहूँ का रकबा बढ़ायें : मुख्यमंत्री श्री चौहान

Aditi News Team

Tue, Jan 4, 2022

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शरबती गेहूँ मध्यप्रदेश की पहचान है। इसका क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास हों। मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं को प्राथमिकता के साथ शुरू करायें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान मंगलवार को मंत्रालय में किसान-कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की समीक्षा कर रहे थे। किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भण्डारण प्र-संस्करण बुनियादी ढाँचा विकास के लिए बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए। कस्टम, हायरिंग सेंटर में हम देश में नम्बर वन हैं। इनका संचालन ठीक ढंग से हो।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वर्ष 2022 के विभागीय विजन की जानकारी ली। उन्होंने फसलों के विविधीकरण को बढ़ावा देने, जैविक एवं प्राकृतिक खेती और मोटे अनाज को बढ़ावा, कृषि निर्यात को बढ़ावा और कृषि में आधुनिक तकनीकी का उपयोग करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कृषि निर्यात के लिए मिशन मोड में जुट जाये। रोडमैप बनाकर कार्य करें। नरवाई जलाने की घटनाओं को प्रदेश में कम किया गया है। ऐसी घटनाओं को पूरी तरह नियंत्रित करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि "एक जिला-एक उत्पाद" योजना में बेहतर कार्य करें। कृषि के क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा दें। फसल उत्पादन का आकलन और गुणवत्ता का पता लगाने के लिए कार्य करें। प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं हो। अगले साल के लिए भी अभी से प्लान कर लें। मांग आधारित कृषि को बढ़ावा दें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाये। देश और धरती को बचाने के लिए जैविक खेती जरुरी है। जैविक खेती में मध्यप्रदेश देश में नम्बर एक है। इसे बनाये रखने की जरुरत है। जैविक खेती का रकबा 17.31 लाख हैक्टेयर है। संभावनाओं का पता लगाकर निर्यात की ठोस रणनीति बनाये। खेती को असली ताकत बनाना है।

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