: 74 वां होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस समारोह आयोजित
Sun, Dec 6, 2020
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री धनंजय सिंह,जिला पंचायत सीईओ श्री मनोज सरियाम, डिविजनल कमांडेंट श्री एस एस सोलंकी, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट आर के एस चौहान सहित अन्य अधिकारी एवं होमगार्ड के जवान उपस्थित रहें।
कार्यक्रम में डिविजनल कमांडेंट श्री सोलंकी द्वारा होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस के अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृहमंत्री के संदेशों का वाचन किया गया। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री चौहान ने होमगार्ड बल द्वारा बाढ़ बचाव, भूकम्प , आगजनी के दौरान किए गए कार्यों एवं कर्तव्यों पर प्रकाश डाला ।
कलेक्टर श्री धनंजय सिंह ने उपस्थितजनों को होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा दिवस की शुभकामनाएं दी एवं कहा कि होमगार्ड बल द्वारा भीषण आगजनी हो या बाढ़ आपदा, राहत एवं बचाव कार्यों में सदैव अपने अदम्य साहस का परिचय दिया है। उन्होंने जिले में अगस्त माह में आई बाढ़ आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि होमगार्ड की पूरी टीम दिन रात राहत कार्यों में जुटी रहीं। अंतिम छोर पर खड़े बाढ़ प्रभावितों तक राहत पहुंचाई गई है। उन्होंने होमगार्ड की पूरी टीम द्वारा बाढ़ आपदा से निपटने में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री चौहान द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।
बाढ़ आपदा राहत कार्यों एवं रक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी का किया गया अवलोकन
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारियों ने होमगार्ड्स द्वारा लगाई गई बाढ़ आपदा राहत कार्यों के चित्रों एवं रक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं उनकी सराहना की। कार्यक्रम में रबर बोट ,एच डी पी ई बोट, आस्का लाइट , स्टील रोप लेडर, एयर फुट पंप, कार्डलेस ड्रिल स्क्रु, फ्लोटिंग स्ट्रेचर आदि रक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया ।
: कृषि कानूनों के खिलाफ किसानो के विरोध प्रदर्शन दसवे दिन भी जारी गुरूग्राम में पुतले फूँके
Sat, Dec 5, 2020
केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे हैं। इसके लिए हजारों की संख्या में किसान दिल्ली के बॉर्डर पर जमा हुए हैं। आज उनके आंदोलन का 10 वां दिन है। सरकार ने किसानों से बातचीत करने के लिए आज पांचवें दौर की बैठक रखी है। इससे पहले की चार बैठकें बेनतीजा रही थीं। किसानों की मांग है कि इस कानून को रद्द कर दिया जाए। किसानों को डर है कि अगर यह कानून देश में लागू हुआ तो एमएसपी यानी मिनिमम सपोर्ट प्राइज और एपीएमसी यानी एग्रीकल्चर प्रोड्यूसर मार्केट कमेटी खत्म हो जाएगी। किसानों को यह भी डर है कि अगर प्राइवेट कंपनियां आएंगी तो छोटे किसानों की जमीन हथिया ली जाएगी।
मामला नहीं सुलझा तो किसान करेंगे भारत बंद का ऐलान
किसानों का कहना है कि यदि सरकार ने इस नए कृषि कानून को वापस नहीं लिया तो 8 दिसंबर को वह भारत बंद कर देंगे। इतना ही नहीं शुक्रवार को हुई बैठक के बाद उनके नेता हरविंदर सिंह लखवाल ने कहा किअगर सरकार ने हमारी बातें नहीं मानी तो दिल्ली की बची हुई सड़कों को ब्लॉक कर दिया जाएगा।
किन-किन राज्यों में हो रहा है किसान आंदोलन?
केंद्र के नए कृषि कानून के खिलाफ सिर्फ दिल्ली में आंदोलन नहीं हो रहा है। पंजाब और हरियाणा की सीमा पर भी किसान धरना दे रहे हैं। पंजाब में किसानों के साथ महिलाएं और बच्चे भी हैं, जो दिल्ली में आकर आंदोलन करना चाहते हैं। वहीं, राजस्थान में किसानों ने जयपुर-दिल्ली रास्ते पर चक्का जाम कर किया हुआ है। राजस्थान के कई किसान दिल्ली जाने के लिए हरियाणा सीमा पर पहुंचे हुए हैं। वहीं, महाराष्ट्र में नासिक, ठाणे, पालघर, अहमदनगर, सांगली, नांदेड़, सोलापुर और विदर्भ के वर्धा समेत अन्य जिलों में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों ने सरकार से एमएसपी को डेढ़ गुना बढ़ाने की मांग की है। महाराष्ट्र के कई किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली कूच कर रहे हैं।
हरियाणा में भी सड़क पर उतरे किसान
इन राज्यों में भी हो रहा विरोध
उत्तराखंड में भी किसान उधम सिंह नगर और रामपुर में प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें कई किसान दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। वहीं उड़ीसा के विधानसभा के सामने अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के लोग खूब जमकर विरोध कर रहे हैं। इस समिति का कहना है कि सरकार ऐसे कानून को वापस ले, जो किसानों और कृषि को नष्ट कर देगी। ऐसे ही उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश और आंध्रप्रदेश के किसान भी इस नए कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
गुरुग्राम में पीएम मोदी और अंबानी-अडानी के पुतले फूंके
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के समर्थन में सड़क पर उतरे मजदूर संगठन AIUTUC ने शनिवार को गुरुग्राम के राजीव चौक पर पैदल मार्च के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपतियों अनिल अंबानी व गौतम अडानी के पुतले फूंके। इस दौरान मजदूरों ने सरकार और उद्योगपतियों में सांठगांठ होने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
: बैतूल : ईमानदार युवती ने नोटों से भरा बैग पुलिस को सौंपा
Sat, Dec 5, 2020
मध्यप्रदेश के बैतूल से ईमानदारी की एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे हर किसी को प्रेरणा लेने की जरुरत है। बैतुल में एक युवती को एक लाख बीस हजार रूपयों से भरा एक बैग मिला, जिसे युवती ने अपनी ईमानदारी के चलते पुलिस को सौंप दिया।
इसके बाद पुलिस ने जानकारी जुटाने के बाद बैग को उसके मालिक तक पहुंचा दिया। बैतुल की रीता की ईमानदारी देशवासियों के लिए बेमिसाल उदाहरण बन गई। इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ है कि रीता को पैसों से भरा बैग मिला है लेकिन उसने हर बार पुलिस को लौटा दिया है।
बिरुल बाजार निवासी किसान राजा रमेश साहू अपनी गोभी की फसल को भोपाल से बेचकर लौट रहा था। लौटते समय किसान का बैग वैष्णवी बस में छूट गया। बस में सफर कर रही पोहार निवासी रीता को यह बैग मिल गया। रीता ने देखा तो इस बैग में एक लाख बाइस हजार रुपये थे, जिसके बाद उसने इसे पुलिस तक पहुंचाना सही समझा।
रीता ने इस बैग को साईंखेड़ा थाना पुलिस को सौंप दिया। बस वालों की मदद से पुलिस ने इस बैग को राजा साहू तक पहुंचा दिया। साईंखेड़ा थाना प्रभारी रत्नाकर हिंग्वे का कहना है कि रीता ने पहली बार अपनी ईमानदारी का उदाहरण पेश नहीं किया है।
इससे पहले भी रीता के पिता के खाते में 42,000 रुपये आ गए थे, जिसे उसने वास्तविक व्यक्ति को लौटाकर मिसाल पेश की थी। थाना प्रभारी ने इस मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारी को दी और रीता पवार को सम्मानित किया गया।