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17 दिसंबर को भोपाल में प्रस्तावित ‘गोसम्मान आह्वान अभियान’ की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा,गौसेवको ने गौशालाओं का निरीक्षण

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भारतीय गौ क्रांति मंच मध्यप्रदेश की बैठक सम्पन्न : 17 दिसंबर को भोपाल में प्रस्तावित ‘गोसम्मान आह्वान अभियान’ की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा,गौसेवको ने गौशालाओं का निरीक्षण

Aditi News Team

Thu, Sep 17, 2026

भारतीय गौ क्रांति मंच मध्यप्रदेश की बैठक सम्पन्न

संगठन विस्तार के प्रथम चरण में सालचौका एवं साईंखेड़ा मंडल के गो प्रभारियों की नियुक्ति

17 दिसंबर को भोपाल में प्रस्तावित ‘गोसम्मान आह्वान अभियान’ की तैयारियों को लेकर मंडल से पंचायत स्तर तक संगठन विस्तार पर जोर

बैठक के बाद गौशालाओं का निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सामने आई गंभीर कमियाँ

गाडरवारा।भारतीय गौ क्रांति मंच मध्यप्रदेश द्वारा संगठन विस्तार के प्रथम चरण के अंतर्गत गोभक्तों एवं गौसेवकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गौमाता एवं गौवंश से संबंधित विभिन्न समस्याओं, उनके समाधान तथा गौसेवा के क्षेत्र में किए जाने वाले आगामी कार्यों को लेकर गहन चिंतन-मनन किया गया।

बैठक में सालचौका मंडल के गो प्रभारी के रूप में श्री प्रियांशु पिपरोनिया जी तथा साईंखेड़ा मंडल के गो प्रभारी के रूप में श्री अंश बोहरे जी को नियुक्त किया गया।

नवनियुक्त गो मंडल प्रभारियों के नेतृत्व में संबंधित क्षेत्रों में गौवंश से जुड़ी समस्याओं की जानकारी प्राप्त करने, उनके समाधान के लिए प्रयास करने तथा गौसेवा, संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों को आगे बढ़ाने की रूपरेखा पर चर्चा की गई।

बैठक में उपस्थित गोभक्तों एवं गौसेवकों ने अपनी समस्याएँ, अनुभव एवं सुझाव साझा किए। सभी के विचारों को गंभीरता से सुना गया। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि गौवंश से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जनसहभागिता के माध्यम से कार्य किया जाएगा, ताकि समस्याओं के समाधान को केवल चर्चा तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारा जा सके।

उपस्थित सभी गोभक्तों ने इस दिशा में एकजुट होकर कार्य करने का समर्थन किया।

17 दिसंबर के ‘गोसम्मान आह्वान अभियान’ के लिए संगठन विस्तार पर जोर

बैठक में आगामी 17 दिसंबर को भोपाल में आयोजित होने वाले ‘गोसम्मान आह्वान अभियान’ के संदर्भ में भी चर्चा की गई।

अभियान को लेकर संगठन को मंडल से लेकर पंचायत स्तर तक व्यवस्थित एवं मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र में निष्ठावान, समर्पित, कर्तव्यनिष्ठ एवं कर्मठ गोभक्तों का चयन कर उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

बैठक में यह विचार रखा गया कि स्थानीय स्तर पर मजबूत संगठनात्मक व्यवस्था के माध्यम से गौवंश से जुड़ी समस्याओं को व्यवस्थित रूप से चिन्हित किया जा सकेगा तथा प्रशासन एवं समाज के समन्वय से उनके समाधान के लिए प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सकेगा।

जिले के सभी मंडलों में गो प्रभारियों की नियुक्ति की तैयारी

भारतीय गौ क्रांति मंच मध्यप्रदेश द्वारा आगामी चरण में संपूर्ण नरसिंहपुर जिले के सभी मंडलों में गो मंडल प्रभारियों की नियुक्ति के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है।

इसके अंतर्गत ऐसे गोभक्तों का चयन किया जा रहा है जो अपने-अपने क्षेत्रों में गौमाता एवं गौवंश से संबंधित समस्याओं के समाधान, गौवंश के उचित रखरखाव तथा संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर सकें।

बैठक के बाद गौशालाओं का निरीक्षण

बैठक सम्पन्न होने के बाद गोभक्तों द्वारा सालचौका मंडल के अंतर्गत स्थित बसुरिया एवं नये खेड़ा गौशालाओं का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दोनों गौशालाओं में गौवंश के रखरखाव, चारा, पशु आहार, पानी, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था, पशु चिकित्सा सेवाओं तथा गौशाला की भूमि से संबंधित अतिक्रमण की समस्याएँ सामने आईं।

बसुरिया गौशाला की स्थिति पर गोभक्तों ने जताई चिंता

बसुरिया गौशाला के निरीक्षण के दौरान वहाँ की स्थिति को लेकर गोभक्तों ने गंभीर चिंता व्यक्त की।

निरीक्षण के दौरान लगभग 50 गौवंश वहाँ मौजूद पाए गए। गोभक्तों के अनुसार गौवंश के लिए पर्याप्त भूसा एवं चारे की व्यवस्था दिखाई नहीं दी। गौवंश को स्वच्छंद रूप से चरने के लिए भी कोई निश्चित एवं पर्याप्त मैदान अथवा स्थान उपलब्ध नहीं दिखाई दिया।

गौशाला के भूसा भंडार कक्ष में लगभग 50 गौवंश के लिए लगभग एक दिन की आवश्यकता के बराबर भूसा, करीब आधी से एक ट्रॉली के आसपास, मौके पर उपलब्ध दिखाई दिया। साथ ही पर्याप्त पशु आहार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति भी सामने आई।

गोभक्तों ने चिंता व्यक्त की कि पर्याप्त भोजन एवं पोषण नहीं मिलने से गौवंश कमजोर होने की स्थिति में हैं। ऐसे कमजोर एवं बीमार गौवंश को तत्काल संतुलित एवं पौष्टिक आहार के साथ उचित देखभाल और उपचार उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।

शासन से मिलने वाली राशि के भुगतान में देरी की जानकारी

गौशाला संचालक द्वारा बताया गया कि शासन द्वारा गौवंश के रखरखाव के लिए मिलने वाली ₹40 प्रति गौवंश प्रतिदिन की राशि लगभग तीन माह से प्राप्त नहीं हुई है।

संचालक के अनुसार राशि का भुगतान नहीं होने के कारण गौवंश के चारा, भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को संचालित करने में आर्थिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं।

विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित

बसुरिया गौशाला में ट्यूबवेल चलाने के लिए लगी विद्युत डीपी का ट्रांसफार्मर लगभग चार माह से खराब/जला हुआ बताया गया। पर्याप्त विद्युत फेस एवं वोल्टेज उपलब्ध नहीं होने के कारण मोटर संचालित नहीं हो पा रही है।

गौशाला संचालक के अनुसार इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत भी की गई थी, लेकिन शिकायत के निराकरण को लेकर असंतोष व्यक्त किया गया। इस संबंध में वास्तविक स्थिति की प्रशासनिक जाँच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी।

पानी की व्यवस्था के लिए स्थानीय किसानों के सहयोग पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

मृत गौवंश के निस्तारण एवं स्वच्छता पर गंभीर चिंता

निरीक्षण के दौरान गोभक्तों ने यह भी देखा कि मृत गौवंशों को गौशाला की पिछली दीवार के समीप, जहाँ गोबर डाला जा रहा है, उसी क्षेत्र के आसपास दफनाने की व्यवस्था की जा रही है।

गोभक्तों ने इस व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मृत गौवंश के सुरक्षित, स्वच्छ एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारण की उचित व्यवस्था होना आवश्यक है। वर्तमान स्थिति के कारण गौशाला परिसर में गंदगी एवं संक्रमण का खतरा उत्पन्न होने की आशंका है।

गौशाला में पर्याप्त पंखों की व्यवस्था तथा बीमारीजनित कारकों से बचाव के लिए आवश्यक दवा के छिड़काव की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं दिखाई दी। परिसर में अत्यधिक गंदगी पाए जाने पर नियमित साफ-सफाई एवं संक्रमणरोधी व्यवस्था की आवश्यकता बताई गई।

बसुरिया गौशाला की निर्धारित क्षमता लगभग 100 से 120 गौवंश बताई गई, जबकि निरीक्षण के दौरान लगभग 50 गौवंश मौजूद पाए गए।

नये खेड़ा गौशाला में भी सामने आई व्यवस्थागत समस्याएँ

इसके पश्चात गोभक्तों द्वारा चीचली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नये खेड़ा गौशाला का भी निरीक्षण किया गया।

वहाँ के गौशाला संचालक द्वारा बताया गया कि लगभग तीन माह से शासन से मिलने वाली राशि प्राप्त नहीं हो पा रही है, जिसके कारण गौवंश के रखरखाव में कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं।

गौशाला संचालक द्वारा यह भी बताया गया कि क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा गौशाला की भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। संचालक के अनुसार पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण गौशाला के संचालन में कठिनाइयाँ आ रही हैं। उन्होंने शासन एवं प्रशासन से भूमि का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए गौशाला संचालन में सहयोग करने का अनुरोध किया।

निरीक्षण के दौरान गौशाला लगभग 70 प्रतिशत व्यवस्थित रूप से संचालित पाई गई, हालांकि स्वच्छता की कमी भी दिखाई दी। पानी की टंकी एवं आसपास के स्थानों पर गंदगी पाई गई।

गौवंश के लिए पर्याप्त पशु आहार उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके स्वास्थ्य एवं पोषण को लेकर भी गोभक्तों ने चिंता व्यक्त की।

पशु चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी चिंता

नये खेड़ा गौशाला में नियमित पशु चिकित्सा निरीक्षण को लेकर भी जानकारी प्राप्त की गई।

गोभक्तों के अनुसार गौवंश का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय निगरानी आवश्यक है। वहाँ यह जानकारी दी गई कि डॉक्टरों द्वारा नियमित रूप से सप्ताह में 2–3 बार निरीक्षण किए जाने के बजाय लगभग महीने में एक-दो बार ही गौवंशों को देखा जा रहा है।

गोभक्तों ने कहा कि बीमार एवं कमजोर गौवंश की समय पर पहचान, उपचार एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अत्यंत आवश्यक है, ताकि बीमारी गंभीर होने से पहले उसका उपचार किया जा सके।

प्रशासन एवं समाज के समन्वय से समाधान का संकल्प

भारतीय गौ क्रांति मंच मध्यप्रदेश के पदाधिकारियों एवं गोभक्तों ने कहा कि गौमाता एवं गौवंश से संबंधित समस्याओं का समाधान प्रशासन, गौशाला संचालकों, स्थानीय किसानों, पशु चिकित्सकों एवं समाज के बीच समन्वय स्थापित करके किया जाना चाहिए।

बैठक एवं गौशाला निरीक्षण के दौरान सामने आए विषयों को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में लाकर उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रयास किया जाएगा।

संगठन द्वारा आने वाले समय में जिले के प्रत्येक मंडल में गो प्रभारी नियुक्त कर गौवंश की स्थिति की जानकारी, गौशालाओं का निरीक्षण, समस्याओं का संकलन, प्रशासन से समन्वय तथा जनसहभागिता के माध्यम से गौसेवा के कार्यों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।

भारतीय गौ क्रांति मंच मध्यप्रदेश का उद्देश्य है कि गौमाता एवं गौवंश के प्रति समाज की जिम्मेदारी को मजबूत किया जाए तथा सेवा, सुरक्षा, सम्मान, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संगठित एवं निरंतर प्रयास किए जाएँ।

बैठक एवं निरीक्षण में उपस्थित

इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी सुश्री रानीदेवी हरदेनिया, श्री सतीश लामानिया, श्री महेंद्र भार्गव, श्री राजा शर्मा, श्री मनोज द्विवेदी, श्री भरत कौरव, श्री अंश बोहरे, श्री प्रियांशु पिपरोनिया, श्री रौनक बोहरे, श्री पवन पाल, श्री रितिक राय, श्री शिशपाल गुर्जर, श्री देवेंद्र पटेल, श्री अनुराग शर्मा, श्री हार्दिक वर्मा, श्री नितिन यादव, श्री गोविंद सिंह, श्री पुरुषोत्तम लोधी, श्री बिट्टू गोले, श्री ब्रजेश मांडले, श्री यशवंत, श्री दुर्गेश वर्मा, श्री रजनीश यादव, श्री शिवम यादव सहित बड़ी संख्या में गोभक्त उपस्थित रहे।

Tags :

अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

गौ सम्मान आव्हान अभियान

भारतीय गौ क्रांति मंच मध्यप्रदेश

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