Sunday 20th of September 2026

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नरसिंहपुर पुलिस ने 5 आरोपी गिरफ्तार कर गांजा एवं वाहन सहित लगभग ₹18 लाख रु का मशरूका जप्त किया

खुले में कचरा फेंकने और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर चालानी कार्रवाई

चुराये हुये 13 दुपहिया वाहन एवं झपटे हुये 5 मोबाईल तथा चाकू कीमती लगभग 15 लाख रूपये के जप्त

जो है, जैसा है और जितना है, उसे वैसा ही प्रस्तुत करना सत्य : मुनि श्री समतासागर

छीनी हुई चेन, मंगलसूत्र एवं घटना मे प्रयुक्त मोटर सायकिल एवं चाकू जप्त

: कोटा पुलिस ने हटाया नकली अपहरण से पर्दा

Aditi News Team

Thu, Mar 21, 2024
2 दोस्तों के संग मिलकर तैयार की किडनेप की स्क्रिप्ट,पिता के व्हाट्सअप पर अपने हाथ पैर और मुँह बंधे पिक भेज की 30 लाख की डिमांड.. इसके बाद की एक वीडियो से खुला राज़.. 2 दोस्तों संग टहलती दिखी काव्या.. एक दोस्त पकड़ा गया.. लड़की का सुराग नहीं कोटा से अपहरण का एक हैरत अंगेज मामला सामने आया। इस मामले ने सभी के होश उड़ा दिए। शिवपुरी के बैराड़ के स्कूल संचालक के पास 18 मार्च को वॉट्सऐप पर बेटी काव्या धाकड़ के अपहरण की तस्वीरें आईं जिसमें काव्या धाकड़ के हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे और अपहरणकर्ता ने 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। कोटा में छात्रा के अपहरण की घटना सामने आने पर हड़कंप मच गया और पुलिस मामले की गुत्थी को सुलझाने में जुट गई। जब पुलिस ने मामले की जांच तो सामने आया कि छात्रा ने कोचिंग सेंटर में दाखिला तक नहीं लिया। इसके अलावा परिजन जिस हॉस्टल में बिटिया काव्या के रहने की बात बता रहे हैं वहां से उसका कोई ताल्लुक तक नहीं है। क्या है पूरा मामला? जांच में जुटी पुलिस ने एक के बाद एक कई खुलासे किए और यह पता लगाया कि काव्या का अपहरण नहीं हुआ है और तमाम बातें झूठी हैं। छात्रा का अपहरण नहीं हुआ है और न तो वह कोटा में रह रही थी। काव्या ने अपने दो दोस्तों संग मिलकर अपहरण की झूठी स्क्रिप्ट तैयार की थी, क्योंकि वह और उसका एक दोस्त विदेश में पढ़ाई करना चाहते थे और उसके लिए पैसों की जरूरत थी।कोटा पुलिस ने छात्रा के साथ एक साथी को पकड़ा है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी की बात नहीं स्वीकारी है, जबकि छात्रा और उसका एक साथी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने उठाया राज से पर्दा... बकौल कोटा पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन, छात्रा तीन अगस्त को अपनी मां के साथ कोटा आई और यहां पर एक कोचिंग सेंटर में दाखिला लेने के लिए रजिस्ट्रेशन फार्म लिया था और एक हॉस्टल में रहने का तय किया जिसके बाद उसकी मां उसी दिन लौट गई थी। इसके बाद छात्रा पांच अगस्त तक कोटा में रही और फिर इंदौर चली गई। पुलिस ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि छात्रा के साथ कोई अपराध नहीं हुआ।

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