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: अमेरिका के टिम फ्रीडे की हैरान करने वाली कहानी,टिम फ्रीडे ने पिछले 20 सालों से खुद को कोबरा समेत ब्लैक माम्बा जैसे अनगिनत ज़हरीले सांपों से कटवाया

Aditi News Team

Sun, May 4, 2025
अमेरिका के टिम फ्रीडे ने पिछले 20 सालों से खुद को कोबरा समेत ब्लैक माम्बा जैसे अनगिनत ज़हरीले सांपों से कटवाया। उनके खून में सांप के ज़हर से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता तैयार हो गयी. ये बंदा कई बार मरने से बचा है. कई महीनों कोमा में रहा. लेकिन अब टीम फ्रिडे को एक दवा कंपनी हर साल 5,00,000 डॉलर और दवा के बिक्री पर 2% प्रॉफिट देगी। अमेरिका की एक बड़ी दवा कंपनी ने टीम फ्रिडे पर शोध करने के लिए करार किया। वैज्ञानिकों ने उनके खून के नमूने से एक नई एंटीवेनम दवा बनाई. यह दवा दुनिया के 19 सबसे ज़हरीले सांपों के ज़हर के खिलाफ चूहों पर कारगर साबित हुई है। यह एक बड़ी सफलता है. इंसानों पर और ज़्यादा टेस्ट करने की ज़रूरत है ताकि यह दवा अस्पतालों में इस्तेमाल की जा सके। टिम फ्रीडे की कहानी वाकई हैरान करने वाली है। ये शख्स अमेरिका के विस्कॉन्सिन का एक ट्रक मैकेनिक है, जिसने सांपों के जहर से अपनी जिंदगी को एक खतरनाक मिशन बना लिया। टिम ने करीब 20 सालों तक खुद को सांपों के जहर की छोटी-छोटी खुराक दीं—करीब 700 बार इंजेक्शन लगाए और 200 से ज्यादा बार सांपों से कटवाया। उसने ऐसा इसलिए किया ताकि उसका शरीर जहर के खिलाफ एंटीबॉडीज बना ले और वो खतरनाक सांपों के काटने से बच सके। टिम की जर्नी 2000 में शुरू हुई थी, जब उसने पहली बार सांपों के जहर से खुद को इम्यून करने का फैसला किया। उसने पहले एक पालतू कॉपरहेड सांप लिया और फिर धीरे-धीरे कोबरा, ब्लैक माम्बा और ताइपन जैसे जानलेवा सांपों के जहर को अपने शरीर में डालना शुरू किया। इस दौरान वो कई बार मौत के करीब पहुंचा, महीनों कोमा में रहा, लेकिन हार नहीं मानी। उसकी ये जिद एक तरह से पागलपन लगती है, लेकिन इसका नतीजा वैज्ञानिकों के लिए बड़ा काम का साबित हुआ।   टिम की इस अजीबोगरीब कोशिश को पहले किसी ने सीरियसली नहीं लिया, लेकिन फिर एक युवा इम्यूनोलॉजिस्ट जैकब ग्लैनविल ने उससे संपर्क किया। टिम के खून में मौजूद एंटीबॉडीज को देखकर वैज्ञानिक हैरान रह गए। उनके रिसर्च से पता चला कि टिम का खून सांपों के जहर के खिलाफ एक हथियार बन सकता है। आज टिम की वजह से एक ऐसी एंटीवेनम दवा बन रही है, जो भविष्य में इंसानों को सांपों के काटने से बचा सकती है। टिम की कहानी एक तरह से साबित करती है कि कभी-कभी जोखिम लेने से बड़े बदलाव भी आ सकते हैं। क्या कहते हो, ऐसा जुनून देखा है कहीं?

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