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पढ़ाई से वंचित छात्रा ने राष्ट्रपति महोदया को रजिस्टर्ड डाक से आवेदन भेजकर इच्छा मृत्यु की लगाई गुहार

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काबरा स्कूल से टीसी एवं मार्कशीट न मिलने से परेशान एवं : पढ़ाई से वंचित छात्रा ने राष्ट्रपति महोदया को रजिस्टर्ड डाक से आवेदन भेजकर इच्छा मृत्यु की लगाई गुहार

Aditi News Team

Tue, Sep 8, 2026

गाडरवारा के काबरा स्कूल से टीसी एवं मार्कशीट न मिलने से परेशान गरीब छात्रा ने

पढ़ाई से वंचित छात्रा नेहा वर्मा ने राष्ट्रपति महोदया को रजिस्टर्ड डाक से आवेदन भेजकर इच्छा मृत्यु की लगाई गुहार

मंत्री जी एवं जिम्मेदार अधिकारी ध्यान दें और गरीब छात्रा की पढ़ाई करने में सहयोग प्रदान करें

गाडरवारा। शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र गाडरवारा में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक गरीब परिवार की 12वीं कक्षा की छात्रा ने स्कूल प्रबंधन पर फीस के नाम पर मार्कशीट और स्थानांतरण प्रमाण पत्र रोकने का आरोप लगाते हुए देश की राष्ट्रपति के नाम पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग कर दी। छात्रा का कहना है कि यदि उसे दस्तावेज नहीं मिले और मामले का निराकरण नहीं हुआ तो वह गलत कदम उठाने के लिए मजबूर हो सकती है।

मामला गाडरवारा के काबरा मेमोरियल पब्लिक स्कूल से जुड़ा है। छात्रा नेहा वर्मा, पिता मोतीलाल वर्मा का कहना है कि उनका परिवार BPL कार्डधारी है। नेहा ने कक्षा 1 से 8वीं तक RTE के तहत इसी स्कूल में निशुल्क शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण 9वीं से आगे की पढ़ाई जारी रखना परिवार के लिए मुश्किल था।

शिक्षा मंत्री के हस्तक्षेप के बाद मिली थी पढ़ाई जारी रखने की उम्मीद

नेहा के मुताबिक, कक्षा 9वीं में प्रवेश के समय परिवार के पास फीस जमा करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। इसी दौरान शिक्षा मंत्री ने उनकी मदद के लिए स्कूल प्रबंधन से बातचीत की थी। छात्रा का दावा है कि बातचीत के बाद उसे 9वीं से 12वीं तक निशुल्क पढ़ाई का आश्वासन दिया गया था।

छात्रा का आरोप है कि 12वीं की परीक्षा के समय उसके और उसके परिवार पर फीस जमा करने का दबाव बनाया गया। इसके बाद परीक्षा परिणाम आने पर जब उसने आगे कॉलेज में प्रवेश के लिए मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट मांगा तो स्कूल प्रबंधन की ओर से कथित तौर पर करीब ₹1 लाख 40 हजार बकाया फीस जमा करने की मांग की गई।

दस्तावेज नहीं मिले तो कॉलेज में प्रवेश का संकट

नेहा का कहना है कि गरीब परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जमा करना संभव नहीं है। मार्कशीट और स्थानांतरण प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण उसकी आगे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कॉलेज में प्रवेश भी नहीं हो पा रहा है।

छात्रा के अनुसार उसने इस मामले की शिकायत 30 जुलाई 2026 को SDM कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय, महिला एवं बाल विकास आयोग तथा जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष आवेदन देकर की थी। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप है।

6 अगस्त को राष्ट्रपति के नाम पत्र, इच्छा मृत्यु की मांग

नेहा ने बताया कि जब शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उसने 6 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी। पत्र में छात्रा ने अपनी आर्थिक स्थिति और शिक्षा बाधित होने का हवाला देते हुए कहा है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह गलत कदम उठाने के लिए मजबूर हो सकती है।

अब सवाल व्यवस्था पर

मामले ने शिक्षा व्यवस्था और गरीब विद्यार्थियों के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सरकार गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर एक छात्रा का यह आरोप कि फीस विवाद के कारण उसके शैक्षणिक दस्तावेज रोके जा रहे हैं, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करता है।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग छात्रा की शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या उसे उसके शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराकर आगे की पढ़ाई का रास्ता साफ किया जाता है।

इनका कहना सीमा डोंगरे (विकास खंड शिक्षा अधिकारी) इस विषय में आपको कल ही कुछ बता पाऊंगी ।

Tags :

अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

नरसिंहपुर,कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह

जिला शिक्षा अधिकारी नरसिंहपुर

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एसडीएम प्रगति वर्मा गाडरवारा

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