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: दमोह(हटा)वैदिक गणित छात्रों के लिए रूचिकर रहेगी- बेवीनार

Aditi News Team

Sat, Oct 2, 2021

दमोह(हटा) स्‍थानीय शासकीय महाविद्यालय में एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया, गणित विभाग द्वारा "वैदिक गणित में अनुसंधान, संभावनाएं और अनुप्रयोग" विषय पर आयोजित इस वेबीनार की अध्‍यक्षता कालेज प्राचार्य डा. पी के ढाका ने की ! इसकी आयोजक सचिव डा. माला हकवाडिया ( गणित विभाग), संयोजक डा. शिवानी राय (समाजशास्त्र विभाग) व आईक्यूएसी सैल प्रभारी श्री मुकेश अहिरवार ( वनस्पति विज्ञान विभाग) दै।

वेबीनार का आयोजन जूम ऐप द्वारा ऑनलाइन किया गया जिसमें लगभग 250 सहभागी ने भाग लिया और जिसे यूट्यूब के माध्यम से भी लाइव दिखाया गया जिसमें लगभग 720 प्रतिभागीगण सम्मिलित हुए। जिस का संचालन गणित विभाग की डॉ माला हकवाडिया द्वारा किया गया, जिसमें देश के प्रख्यात गणितज्ञ महाराष्ट्र से डॉ श्रीराम चौथाईवाले अहमदाबाद से डॉक्टर रवि दुबे एवं उज्जैन से डॉ वीके गुप्ता ने अपने व्याख्यान में वर्तमान परिदृश्य में वैदिक गणित के महत्व को बताया जिसमें उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में इसका समावेश किया गया ताकि आज की युवा पीढ़ी प्रतियोगी परीक्षाओं, शोध-अनुसंधान और अपने दैनिक जीवन में इसका उपयोग एवं साथ ही अपनी सांस्कृतिक विरासत को हस्तांतरित करने में सिद्ध होगा,
शिक्षा एक सामाजिक प्रक्रिया है तथा गणित इसका एक महत्वपूर्ण अंग है। प्राचीनकाल से ही गणित के पठन-पाठन तथा प्रयोगों के विभिन्न प्रमाण मिलते रहे हैं। आज के वैज्ञानिक युग में गणित का अपना विशेष महत्त्व है। परन्तु आज विद्यार्थियों में गणित के प्रति अरुचि तथा उनके कौशलों में कमी परिलक्षित होती है। अतः यदि सामान्य गणित के स्थान पर प्राचीन वैदिक गणित की सरलीकृत विधियाँ पाठ्यक्रम में सम्मिलित होगी तो छात्र मनोरंजनपूर्वक गणित का अध्ययन कर सकेंगे। वैदिक गणित के सूत्र अंक गणित की जटिल गणनाओं को पल भर में हल करने में कारगर हैं।
इस कोर्स को शुरू करने का उद्देश्य युवा पीढ़ी को वैदिक गणित की उपयोगिता से अवगत कराना है। यह केवल किताबी ज्ञान तक ही सीमित नहीं है। इसके जरिए आम जीवन में भी अच्छे से गणना की जा सकती है। यह वेबीनार इसी दिशा में एक प्रयास है। कार्यक्रम के अन्त मे सभी को श्री जीवन लाल कुर्मी (सहायक प्राध्यापक अर्थशास्त्र) द्वारा आभार प्रस्तुत किया गया।

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